"**रामनवमी पर इतिहास*: *1.53 करोड़ राम-नाम जप, महाअभियान ने रचा इतिहास विश्वभर में बजी भक्ति की बयार*
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**रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित “84 लाख राम-नाम वैश्विक जप महा-अभियान” ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करते हुए एक नया आध्यात्मिक इतिहास रच दिया। इस अभियान के अंतर्गत* **एक ही दिन (27 मार्च 2026) में सामूहिक रूप से 1,53,51,547 (एक करोड़ 53 लाख 51 हजार 547) राम-नाम जप दर्ज किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य 84 लाख से कई गुना अधिक है*।
*इस अभियान के संरक्षक है ओशो के नगर जबलपुर के श्री राजकिशोर खंडेलवाल श्रीमती पारूल निलेश* **जोबनपुत्रा* *छत्तीसगढ़ से पंडित रामशंकर शुक्ल जो विगत 14 वर्षों से लिंगियाडीह बिलासपुर के कामाख्या धाम में प्रज्वलित ज्योति कलश के मध्य दुर्गा जी के साधक हैं के साथ अशोक तिवारी किशन porte आदि*
**इस अनूठे आध्यात्मिक अभियान में विश्व के लगभग 10 देशों के साथ-साथ भारत के 125 से अधिक शहरों के साधकों ने सक्रिय सहभागिता की* *महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक, देश-विदेश के रामभक्तों में अद्भुत उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला*।
*इस महा-अभियान की विशेषता यह रही कि पहली बार इतने व्यापक स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म (राम-नाम जप ट्रैकर) के माध्यम से जप की गणना पारदर्शी रूप से की गई, जिससे प्रत्येक साधक का योगदान वैश्विक स्तर पर जुड़ सका*
**आयोजकों के अनुसार, यह अभियान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि जन-जन की भावनाओं का सशक्त प्रकटीकरण बन गया। समाज के प्रत्येक वर्ग—युवा, महिलाएँ, परिवार और वरिष्ठ नागरिक—ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेकर राम-भक्ति की एक जीवंत धारा प्रवाहित की*
"**आयोजकों ने बताया कि भले ही ट्रैकर में 1,53,51,547 (एक करोड़ 53 लाख 51 हजार 547) राम-नाम जप दर्ज हुए हों*, *लेकिन पूर्व प्राप्त सहमति के अनुसार अनुमान है कि वास्तविक जप संख्या 4 करोड़ 69 लाख के पार है। तकनीकी कारणों से कई साधक ट्रैकर में एंट्री नहीं कर पाए, फिर भी उनकी भावना और साधना इस महा-अभियान का अभिन्न हिस्सा है*"
*आयोजकों ने सभी साधकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता जन-जन की आस्था, एकता और राम-नाम की दिव्य शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर रूप से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम बनेगा*