*बिहान की दीदियों ने लगाया हर्बल गुलाल का स्टॉल*
*प्राकृतिक रंगो से बने गुलाल को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद*
बिलासपुर, 2 मार्च 2026/होली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए बिहान से जुड़ी स्व सहायता समूह की दीदियों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने हर्बल गुलाल का विशेष स्टॉल लगाया है। इस पहल को आम नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्राकृतिक रंगों से तैयार यह गुलाल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि त्वचा के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है। समूह की दीदियों ने महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व छत्तीसगढ़ बजट में महिला समूहों के लिए किए गए प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।
समूह की दीदी श्रीमती सीमा तिवारी और श्रीमती रिंकी श्रीवास ने बताया कि यह हर्बल गुलाल चकरभाठा क्षेत्र की राधा कृष्ण स्व सहायता समूह द्वारा तैयार किया गया है। गुलाल बनाने में अरारोट का उपयोग आधार सामग्री के रूप में किया गया है और इसमें ऐसे प्राकृतिक रंग मिलाए गए हैं, जो त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते। रासायनिक रंगों से होने वाली एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याओं को देखते हुए इस बार लोगों में हर्बल गुलाल के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर्बल गुलाल खरीदना पसंद कर रहे हैं। रंगों की गुणवत्ता, मुलायम बनावट और किफायती दाम के कारण ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। दीदियों के अनुसार, यह स्टॉल 3 मार्च को भी जिला पंचायत कार्यालय के सामने लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल खरीद सकें।
दीदियों ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह के माध्यम से शासन की ओर से मिलने वाली ऋण राशि से ग्रामीण महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक निर्भरता हासिल कर रही है। त्योहारों के समय ऐसे उत्पाद तैयार कर वे अतिरिक्त आय कमा रही हैं। साथ ही लोगों को हर्बल गुलाल का सुरक्षित विकल्प उपलब्ध करा रही हैं। महिला समूह की सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा हाल ही में छत्तीसगढ़ के बजट में महिला स्व सहायता समूहों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।