World Hearing Day के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
पदमपुर।
*सुनना केवल ध्वनि नहीं जीवन का संबंध है*
*विश्व श्रवण दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में संपन्न*
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में आज विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर कानों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सुनने की शक्ति का महत्व समझाना और कान से जुड़ी बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी देना था।
इस अवसर पर डॉ मनीष बंजारा ने बताया कि सुनने की शक्ति हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे हम अपने परिवार, समाज और आसपास की दुनिया से जुड़े रहते हैं। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो छोटी समस्या भी गंभीर हो सकती है।
कान से संबंधित प्रमुख समस्याएं जैसे कान में संक्रमण
कान से पानी या मवाद आना,
अधिक मैल जमना
तेज आवाज से सुनने की क्षमता कम होना
जन्म से सुनने में कमी
बढ़ती उम्र में सुनाई कम देना
आगे बचाव के आसान उपाय भी बताए जैसे
कान में माचिस की तीली, पिन या कोई नुकीली वस्तु न डालें।
तेज आवाज और लाउडस्पीकर से दूरी रखें।
मोबाइल और ईयरफोन का उपयोग कम आवाज में करें।
कान में दर्द, पानी आना या सुनाई कम देना जैसी समस्या होने पर तुरंत जांच कराएं।
बच्चों में सुनने की समस्या के संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि “सुनना केवल आवाज नहीं, बल्कि जीवन की खुशियों का अनुभव है।”
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर ने संकल्प लिया कि समुदाय में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को कान की स्वच्छता और नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अंत में सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं सजग रहें और अपने परिवार को भी श्रवण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएं।
“स्वस्थ श्रवण – स्वस्थ जीवन”
इस अवसर पर मिथलेश राठौर, सुनीता मिरि, मोनिका जांगड़े, किशोर उइके, सुधा त्रिवेणी उपस्थित रहे।