केरल में कार्य के लिए गए प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल की हत्या का मामला गर्माया, एक्शन में आए सामाजिक संगठन, राज्य सरकार से की एक करोड़ मुआवजे की मांग,,,,, पढ़े पूरी खबर।

केरल में कार्य के लिए गए प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल का मामला गर्माया, एक्शन में आए सामाजिक संगठन, राज्य सरकार से की एक करोड़ मुआवजे की मांग,,,,, पढ़े पूरी खबर।
बिलासपुर = शक्ति जिले के निवासी श्री राम नारायण बघेल की मॉब लांचिंग में हत्या का मामला फिर से गर्माया है, जिसमें परिवारजनों ने यह आरोप लगाया है व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन देकर यह लेख किया है कि उन्हीं के दूर के रिश्तेदार ने जो केरल में रहते थे उनके मृत्यु के उपरांत जो मुआवजा राशि सरकार से श्री राम नारायण बघेल के परिवार को दी गई थी उसमें उस राशि को खर्च के तौर पर मांगा गया है, बताते चले कि मृतक की मां और मृतक की पत्नी ने पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने की बात कही है और इस पूरे मामले में समाज सेवी संस्था  लोक सिरजनहार यूनियन (LSU)  और GSS , व श्री वाहिद जी जो कि जमायते स्लामिक हिंद की संस्था इनके केरल में स्थित है उन्होंने कहा है कि हमारे द्वारा पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी समस्या सुनी गई व निः शुल्क मदद उनके द्वारा की गई हैं, उनका कहना था कि पीड़ित परिवार के दूर के रिश्तेदार के द्वारा मुआवजे की राशि में भ्रष्टाचार करने की बात सामने आई थी जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उनकी संस्था जो हैं निःशुल्क कार्य करती हैं, किसी भी प्रकार का पैसे लेन देन का कार्य इनकी संस्था नहीं करती है, बताते चलें कि इन सभी सामाजिक संस्था ने आज मिलकर एक कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मानवता के प्रति एक अच्छा संदेश दिया है, और राज्य सरकार को भी घेरा है कि मुआवजा जो हैं केरल की सरकार दे रही है लेकिन छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई भी नेक पहल नहीं की गई है जो कि एक मजदूर वर्ग के साथ अन्याय छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किया जा रहा है, रामनारायण बघेल छत्तीसगढ़ का मूल निवासी है जो इसलिए यहां की सरकार ने 5 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही गई थी लेकिन आज दिनांक तक न तो पीड़ित परिवार को राशि दी गई है न ही इस राशि की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, केवल केरल की सरकार ने 30 लाख रुपए की राशि दी गई है, संघ ने छत्तीसगढ़ सरकार से यह आग्रह किया है कि 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को मिलनी चाहिए यदि यहां की सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन इनके द्वारा किया जाएगा, अब देखने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्यवाही होती है, 
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