श्रीमद् भागवत कथा में पूज्य स्वामी जी का आगमन; दिव्य उपदेशों से भावविभोर हुए श्रद्धालुगण। 6 अप्रैल दिन सोमवार ग्राम बिटकुला ( खम्हरिया ) जिला बिलासपुर क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के दौरान उस समय भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा, जब पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी श्री शिवानंद जी महाराज ( श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम बेलगहना ) का कथा पांडाल में गरिमामयी आगमन हुआ । कथा के चौथे दिन पूज्य स्वामी जी का भव्य स्वागत आयोजकों और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा और शंखनाद के साथ किया गया। पूज्य स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान समय में भागवत कथा का श्रवण मानसिक शांति और आत्मिक शुद्धिकरण के लिए अनिवार्य है। भक्ति और कर्म का समन्वय: स्वामी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति पलायनवाद नहीं बल्कि कर्तव्य पथ पर अडिग रहना सिखाती है। भगवान कृष्ण का जीवन हमें जन कल्याण और धर्म की रक्षा के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। कथा व्यास पीठ में विराजित पंडित श्री आशुतोष तिवारी जी द्वारा भजनों और अमृत वचनों ने पांडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर व्यास पीठ से दिव्य व्याख्यान दिया गया, जिससे पूरा वातावरण 'जय श्री कृष्णा' के जयघोष से गूंज उठा। सीपत पुलिस के द्वारा पूज्य स्वामी जी की सुरक्षा में पुलिस जवान तैनात किए एवं पूज्य स्वामी जी का आभार व्यक्त किए। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूज्य स्वामी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से इस ज्ञान यज्ञ की शोभा और अधिक बढ़ गई है। कथा के समापन पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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byAKSHAT THAKUR
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