सही पोषण और परिवार का साथ माँ और शिशु के स्वस्थ जीवन का आधार - डॉ मनीष बंजारा ।


सही पोषण और परिवार का साथ माँ और शिशु के स्वस्थ जीवन का आधार - डॉ मनीष बंजारा 
पोषण पखवाड़ा के तहत पदमपुर में माता एवं शिशुओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान आयोजित 
मुंगेली- पोषण पखवाड़ा के अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्र पदमपुर में गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित मातृत्व को ध्यान में रखते हुए विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष बंजारा द्वारा उपस्थित गर्भवती महिलाओं को एएनसी जांच, पौष्टिक आहार की जानकारी ली, मोबाइल से दूरी एवं जन्म के बाद 6 माह तक केवल माँ का दूध के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बंजारा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से कम से कम चार एएनसी जांच कराना माँ और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया और कहा कि “एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य वाले शिशु को जन्म देती है। इसके लिए उन्होंने पोषण को अत्यंत आवश्यक बतलाते हुए कहा कि सही पोषण और परिवार का साथ ही माँ और शिशु के स्वस्थ जीवन का आधार होता है। उन्होंने माँ और शिशु दोनों को टीवी एवं मोबाइल स्क्रीन टाइम पर परहेज करने का सुझाव दिया। ताकि अत्यधिक स्क्रीन के उपयोग से माँ/बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य व विकास पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े इसलिए इससे दूरी बना कर रखे। इसके स्थान पर परिवार के साथ समय बिताना, बच्चों के साथ खेलना और संवाद करना उनके समग्र विकास के लिए अधिक लाभकारी है और मानसिक शांति, पर्याप्त विश्राम तथा सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम में नवजात शिशुओं के लिए जन्म के बाद पहले 6 माह तक केवल माँ का दूध देने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि माँ का दूध शिशु के संपूर्ण विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं भावनात्मक जुड़ाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। सरकार की मंशा के अनुरूप पोषण अभियान चलाकर जनभागीदारी के माध्यम से कुषोषण को कम कर गर्भवती महिलाओ, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों में एनीमिया व बौनापन को रोक कर बच्चे का सम्पूर्ण विकास कराना है। इस पोषण अभियान में आंगनबाड़़ी कार्यकर्ता श्रीमती तुलसी यादव, मितानिन श्रीमती सविता साहू, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक ललिता साहू ने उल्लेखनीय योगदान दिया। जिससे यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि माताओं के मन में विश्वास, सुरक्षा और देखभाल की भावना को भी मजबूत किया। उपस्थित सभी महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और बताए गए सुझावों का पालन करने का संकल्प लिया।
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