बिलासपुर = छत्तीसगढ़ सरकार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते जा रही है, नगर सैनिकों को अन्य राज्यों की तरह इस राज्य में भी सामान वेतन दिये जाने वाले आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, छत्तीसगढ़ के हजारों नगर सैनिक (होमगार्ड) आज भी अपने वैधानिक अधिकारों और सेवा सुविधाओं के इंतजार में हैं। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका है। इससे प्रदेशभर के नगर सैनिकों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
नगर सैनिकों का कहना है कि वे वर्षों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा और विभिन्न सरकारी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के अनुरूप सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। सर्वोच्च अदालत के निर्देश के बाद नगर सैनिकों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार जल्द आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें राहत प्रदान करेगी, लेकिन आदेश के क्रियान्वयन में हो रही देरी से उनके बीच निराशा का माहौल है। उनका कहना है कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिलती तो न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।