*छ.ग. राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की 47 प्रकरणों की सुनवाई*
बिलासपुर, 8 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने आज जल संसाधन विभाग केे प्रार्थना सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 411 एवं जिला में 23 वां जन सुनवाई हुई। आज की जनसुनवाई में प्रकरण संख्या 47 है।
अन्य प्रकरण में आवेदिकागण, आनावेदक की पुत्री है उन्होने बताया कि उनके पिता मेडिकल में काम करते है व 14 वर्ष से अलग रहते है। आवेदिका के माता को फर्जी केस में फंसाने की धमकी देते थे घर की छत में 3000 नग की नशीली दवा रखकर उसकी मां को फसाया गया है। मां के उपर एनडीपीएस का मामला बन गया है वह छः माह से जेल में है। आवेदिकागण ने बताया कि अनावेदक का श्री राममेडिकल अशोकनगर सरकण्डा में है जिसे अनावेदक ने स्वीकार किया कि वह दूसरे के लायसेंस से मेडिकल स्टोर चलाता था व 2022 ये भांचा के नाम पर 300000 रूपये में बेचा व स्वयं उस दुकान में काम करता है व उसका तनख्वाह 10000/- रूपये है जिससे वह पूर्व में न्यायालय के आदेश से 2014 से 2026 फरवरी तक दे रहा था व 2026 फरवरी से भरणपोषण नही दे रहा है। इससे स्पष्ट है कि अनावेदक भरणपोषण दने से बचने के लिए फर्जी बिक्रीनामा किया है ताकि आवेदिका को भरणपोषण से बच सकें। आवेदिकागण ने यह भी बताया कि अनावेदक उनके पिता 2006 से मेडिकल का काम कर रहे है व 2013 से स्वतंत्र मेडिकल स्टोर है। वर्तमान में भी मेडिकल स्टोर का कार्य कर रहे है जिससे यह स्पष्ट है कि अपनी पत्नि को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी उसके तहत 3000 हजार नशे की टेबलेट रखवाकर झुठे फंसाया है। चूंकि इस मामले में अनावेदक का 20 साल का सेवा अनुभव है कि कौन सा टेबलेट कहा मिलता है उसका उपयोग क्या होता है। आवेदिकागण ने बताया कि अनावेदक ने अपने ही मेडिकल स्टोर में बैठने वाली लड़की से विवाह कर लिया है व अनावेदक के द्वारा पड़ोसी को मैसेज किया है कि अवेदिका उससे तलाक ले ले। उस मैसेज का स्क्रीनशॉट लिया गया है। उपस्थित एडिशनल एसपी रश्मित कौर चावला ने सरकण्डा थाना से दिनांक 15.02.2026 को एफ.आई.आर. की कापी दिलाई व बताया कि यह सब दवाईयां आरोपी के यहां से जब्त है यह सूचना मुखविर के माध्यम से मिली थी जो दवाईयां जब्त की उस दवाईयां के बेज नं. से पुलिस ने पता नही किया कि किस डीलर को बेचा गया है। वहां से आवेदिका को कैस मिला उसका स्पष्टीकरण एफ.आई.आर. मे ंनही है। व अनावेदक ने अपने दस्तावेज दिया है कि उसने 114000 रूपये की सम्पूर्ण राशि आवेदिकागण को दिया है व मामला नस्तीबद्ध हो गया है व अदालत की तारिख 24.06.2026 अंकित है जब कि आवेदिका की मां इस दिनांक को जेल में थी जिसे आवेदिका इस राशि को कब प्राप्त की यह अंकित नही है। अर्थात अनावेदक लगातार अपने दोनो बेटी को भरण पोषण देने से बचने अपनी पत्नि को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाया दिखता है व न्यायालय में उपस्थित होकर आवेदिका की उपस्थिति को स्पष्ट नही किया व आवेदिका को अनुपस्थित बताया व उसकी 02 बेटियां महिला आयोग के आर्डर सीट के माध्यम से आवेदिकागण इस अनावेदक के खिलाफ कुटुम्ब न्यायालय बिलासपुर में 20/05/2018 को पुनः खोले जाने का आवेदन दे सकती है व अनावेदक के खिलाफ 114000 रूपये की भरण पोषण की वसूली की जा सकती है व प्रतिमाह भरणपोषण न्यायालय से ले सकती है व अपनी मां व पिता के मध्य तलाक के मामले में उपस्थित होकर आवेदन कर सकती है व अनावेदक के दूसरा विवाह करने के मामले में भी कार्यवाही करवा सकती है। आज के इस आर्डरसीट की निःशुल्क प्रति आवेदिकागण व एडिशनल एसपी को दिया गया, थाना सरकण्डा 207 एफ.आई.आर. मामले में आवेदिकागण के मां से जब्त टेबलेट को दोबारा जॉच कर कि व किसके मामले से बनाई व बेची गई थी व श्रीराम मेडिकल स्टोर से टेबलेट की खरीदी बिक्री का क्या संबंध है इसकी जॉच करें व आवेदिकागण व उनके परिजनों से इस दृष्टिकोण से सम्पूर्ण पूछताछ व जॉच करें जिससे वास्तविक अपराधी को पकड़ा जा सके व आवेदिका की मां को निर्दाेश साबित किया जा सकें।
अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों को सुना गया। आवेदिका 2024 में अनावेदक के संस्थान नारायणपुर में अतिथि व्याख्याता थी लेकिन वर्तमान में 02 साल से बेमेतरा में अतिथि व्याख्याता है। अनावेदक ने बताया की छात्र की शिकायत पर कार्यवाही की गई व दोनो को समझाईस दिया कि भविष्य में दोनो एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्यवाही व हस्तक्षेप नही करेंगे। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। दोनों सहायक शिक्षक एलबी के पद पर है। व अनावेदक सकुल समन्वयक के रूप में आवेदिका के स्कूल की जॉच करते थे आवेदिका ने अनावेदक के विरूद्ध 15-16 शिकायते की थी तथा अनावेदक ने आवेदिका के विरूद्ध जॉच कार्यवाही करवाई थी अर्थात दोनो पक्षों के माध्य लगातार शिकायते जारी है। अतः दोनो पक्ष अपने प्रमुख अधिकारी को पत्राचार करें। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। आवेदिका के माता पिता के द्वारा उपस्थित होकर तलाक होने की सूचना दी गई। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
आवेदिका उपस्थित थाना उपनिरीक्षक की अनुपस्थिति का आवेदन लेकर मनोज सिंह 1339 उपस्थित है। अनावेदक वर्तमान में थाना मल्हार में पदस्थ है। आवेदिका के द्वारा थाना सरकण्डा में शिकायत किया गया था। वर्तमान में आवेदिका के कई शिकायतों पर साइवर मामला होने पर गिरफ्तार नही किया जा रहा व जॉच किया जा रहा है। अतः इस मामले में एडीशनल एसपी रश्मित कौर चावला को आदेशित किया जा रहा है कि आवेदिका के आवेदनों पर गौर करें व शिकायतों पर अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही करें। आवेदिका पेशे से स्वयं अधिवक्ता है वह अपने आवेदन की बिन्दुवार तथ्य व दस्तावेज के साथ आवेदन प्रस्तुत करें ताकि जॉच में सहयोग मिल सके इस अनुशंसा के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। आवेदिका ने बताया कि उनके मध्य सुलानामा हो चुका है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। दोनो ने बताया कि 03 माह पूर्व सुलह हो गया है प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
आवेदिका व अनावेदक क्रमांक 1 व 2 उपस्थित आवेदिका का विवाह अनावेदक से 2011 में विवाह हुआ था। उसके पश्चात अनावेदक क्रमांक 1 ने आवेदिका से चार वर्ष से विवाह कर लिया है जिससे उसकी एक पुत्री है। अनावेदक आवेदिका को भरणपोषण नही दे रहा है यह मामला न्यायालय में लंबित है। आवेदिका अनावेदक के विवाह को शून्य घोषित करा सकती है व अनावेदक के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही कर सकती है। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। आर्डर की निःशुल्क कापी दी जायेगी। दोनो के मध्य समाज स्तर पर बैठक हुई है जिसमे आवेदिका को 100000 रूपये दिया गया है सखी से एक कांउसलर के साथ शनिवार को आवेदिका का समस्त समान दिलवाने जायेेगे। जिसकी फोटो विडियों बनाकर रखा जाये। प्रकरण नस्तीबद्ध व आर्डर सीट की प्रति निःशुल्क आवेदिका को दिया जा रहा है। आवेदिका 26 वर्ष की है व उनके द्वारा आधार कार्ड नही बनाया गया है। उसके पिता यादव है और आवेदिका अपनी जाति गोड़ बता रही है। जबकि अनावेदकगण ने बताया कि वे यादव जाति कि है व फर्जी जाति गोड़ बताकर आधार कार्ड बनवा रही है। अनावेदकगण चाहे तो आवेदिका के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए स्वतंत्र हैं। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। दोनो पक्षों के द्वारा एक दूसरे के लिए मामला प्रस्तुत किया गया था अनावेदक की मृत्यु 03 सितम्बर 2024 को हो चुकी है। दोनो पक्षांे द्वारा मामला में कोई कार्यवाही नही चाहते है। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।