न्यायधानी में गुण्डे बदमाशों के दम पर कब्ज़ा खाली कराने का सिलसिला नही थमा? क़ानून से बेखौफ हुए बदमाश?


न्यायधानी में गुण्डे बदमाशों के दम पर कब्ज़ा खाली कराने का सिलसिला नही थमा? क़ानून से बेखौफ हुए बदमाश?

कार्यपालिक दण्डाधिकारी के आदेश बिना बाउंड्रीवाल तोड़कर बेशकीमती जमीन पर कब्ज़ा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करना छोड़ पीड़ित को पुलिस ने फेना पकड़ा दिया

बहतराई के खसरा क्रमांक 326/2 के क्रय विक्रय रोक को लेकर तहसील न्यायालय में आपत्ति पत्र दाखिल

बिलासपुर। गुंडे बदमाशों को ठेका देकर बेशकीमती जमीन पर से कब्ज़ा खाली कराने का मामला प्रकाश में आया है। राजस्व न्यायालय के बिना आदेश अनेकों बार गुंडे बदमाशों के दम पर शहर में बेशकीमती जमीनों को खाली कराया गया। इस तरह के वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के विरुद्ध कई दफे पुलिस ने हस्तक्षेप कर विधि अनुसार कार्यवाही की जिसके कारण कई बड़ी वारदातें टल गई, लेकिन बीते दिनों सरकंडा पुलिस ने लोगों के बल पर जमीन पर से कब्ज़ा खाली कराने वाले रविंद्र कुमार ढेबर के खिलाफ कार्यवाही करना छोड़ शिकायतकर्ता को ही फेना पकड़ा दिया, जिससे सरकंडा पुलिस की विचित्र कार्यवाही तथा कार्यशैली पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा है!
          भला क़ानून का पाठ पढ़ाने वाले पुलिस ही इस तरह के मामलों पर हस्तक्षेप नहीं करेगी तो फिर वाद भूमि पर अपना अधिपत्य जमाने कार्यपालिक दंडाधिकारी के आदेश प्राप्त करने लिए लोगो को न्यायालय के चक्कर काटने की क्या जरूरत? एसएसपी रजनेश सिंह की सख़्त कार्यवाही देख आम जनों में पुलिस पर भरोसा और गुंडे बदमाशों में क़ानून का खौफ बरकरार है तो दूसरी तरफ बेशकीमती जमीन को मात्र सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर बिना राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति बिना आदेश के कब्ज़ा हासिल करना क़ानून को चुनौती और अपराधियों को संरक्षण देने जैसा है।
              मामला बीते शनिवार की है। सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहतराई पटवारी हल्का अंतर्गत 326 के मौजा रकबा को लेकर दो पक्षों में बड़ा विवाद होते टल गया। दरअसल 326 के कुल 55 बटांकन है लेकिन चालू नक्शा में कई वर्षों बाद भी राजस्व अधिकारी नक्शा बटांकन नही कर सके। इसके चलते मूल खसरा 326 में से के टुकड़े भूमि क्रेता - विक्रेताओं के मध्य जिनके पास भूमि क्रय- बिक्रय से जुड़े समस्त दस्तावेज़ है लेकिन उनके पास मौका ही नही है। वे भूस्वामी अब मौका हासिल करने के लिए कानूनन लड़ाई जारी रखने की बजाए भूस्वामी रविंद्र कुमार ढेबर क़ानून को ठेंगा दिखाते हुए असमाजिक तत्वों के बल पर सरोज वर्मा की काबिज़ जमीन पर निर्मित बाउंड्रीवॉल को तोड़कर वाद भूमि पर कब्ज़ा कर लिए है। अजीब बात यह है कि रविद्र कुमार ढेबर के इस असंवैधानिक गतिविधि को सरकंडा पुलिस ने भी हरी झंडी दे दी?
                दरअसल शनिवार को जब मौके पर रविंद्र कुमार ढेबर के लोग जेसीबी मशीन लेकर बाउंड्रीवाल तोड़ने पहुंचे तो उक्त खसरा के भूस्वामी सरोज वर्मा के पति अरविंद्र कुमार भी वहां पहुंच गए। जिन्होंने तोड़फोड़ का विरोध किया लेकिन बलपूर्वक सरोज वर्मा की काबिज़ जमीन पर निर्मित बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया गया। अरविंद्र वर्मा ने इसकी शिकायत सूचना सरकंडा पुलिस को दी। मामला सरकंडा थाना तक पहुंचा लेकिन पुलिस ने मामले को पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य मानते हुए शिकायतकर्ता को धारा 174 का फेना पकड़ाकर चलता कर दिया। वही पीड़ित के बताए अनुसार फेना में बाउंड्रीवाल तोड़फोड़ का जिक्र भी नही किया गया।
         मामले में पीड़ित ने आज क्षेत्रीय कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है देखना होगा कि कार्यपालिक दंडाधिकारी के बिना आदेश स्थाई संपत्ति पर कब्ज़ा प्राप्त कर असंवैधानिक गतिविधि को अंजाम देने वाले दोषियों के खिलाफ कार्यपालिक दण्डाधिकारी क्या कार्यवाही करते है?

सीमांकन के बाद राजस्व न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना छोड़ सीधे कब्ज़ा 

बिलासपुर तहसील के बहतराई पटवारी हल्का अंतर्गत सरोज विहार कॉलोनी के खसरा क्रमांक 326

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