प्रदेश भर की महिला शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति में सत्र का भव्य उद्घाटन
महासमुंद, 19 सितंबर 2026 - छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा आयोजित *प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ आज I.R. Resort, भलेसर मार्ग, महासमुंद*में प्रदेश भर से आई हजारों महिला शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
सत्र के उद्घाटन अवसर पर सभागार में उपस्थित महिला शिक्षिकाओं ने पंक्तिबद्ध खड़े होकर राष्ट्रगान एवं माँ सरस्वती की वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पूरा हॉल छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों - बस्तर से लेकर सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, मुंगेली तक की शिक्षिकाओं से खचाखच भरा रहा।
मंच से अतिथियों ने कहा कि महिला शिक्षिका ही समाज में संस्कार और शिक्षा की असली संवाहक है। इस सम्मेलन का उद्देश्य महिला शिक्षिकाओं की समस्याओं, जैसे - कार्यस्थल सुरक्षा, मातृत्व अवकाश, स्थानांतरण में प्राथमिकता एवं पदोन्नति जैसे विषयों पर खुली चर्चा कर शासन तक उनकी बात पहुँचाना है।
कार्यक्रम के आयोजक छग शिक्षक संघ की पूरी टीम ने सभी जिलों से आई शिक्षिकाओं का आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन में शिक्षा मंत्री मान. गजेन्द्र यादव जी एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री मान. लक्ष्मी राजवाड़े जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
मुंगेली जिले से जिलाध्यक्ष अत्रि प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भी सत्र में सहभागिता की।
नारा गूंजा - "महासमुंद की धरती इंतजार में, अपनी महिला शिक्षिकाओं के लिए!"और आज वह इंतजार एक ऐतिहासिक उपस्थिति में बदल गया।
प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य उद्घाटन
महासमुंद, 19 सितम्बर 2026 - छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ आज I.R. Resort, भलेसर मार्ग, महासमुंद में हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रदेश भर से पधारी हजारों महिला शिक्षिकाओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। सभागार में बस्तर से सरगुजा, बिलासपुर से लेकर रायगढ़ तक के सभी जिलों की महिला शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना एवं राष्ट्रगान से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षा मंत्री माननीय गजेन्द्र यादव जी एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीय लक्ष्मी राजवाड़े जी का सानिध्य प्राप्त हुआ।
अपने उद्बोधन में अतिथियों ने कहा कि "परिवार से राष्ट्र निर्माण का रास्ता महिला शिक्षिका के सम्मान से होकर जाता है। महिला शिक्षिका केवल पाठ नहीं पढ़ाती, वह संस्कार गढ़ती है।"
सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य -
1. महिला शिक्षिकाओं की विभागीय समस्याओं - स्थानांतरण, पदोन्नति, मातृत्व अवकाश एवं कार्यस्थल सुरक्षा पर चर्चा।
2. शिक्षा में नवाचारों का आदान-प्रदान।
3. उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला शिक्षिकाओं का सम्मान।
4. संगठन में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाना।
इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन में प्रांत अध्यक्ष संजय ठाकुर, प्रांत संगठन मंत्री ओंकार सिंह, संभाग अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा सहित समस्त प्रांतीय पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के आयोजक जिलाध्यक्ष अनिल पटेल एवं उनकी पूरी कार्यकारिणी - भगवान जगत मुरिल, रोहिणी देवांगन, टंकेश्वर जायसवाल, तोपसिंह पटेल एवं समस्त जिला टीम ने अथक परिश्रम कर आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।
प्रदेश के सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों ने महासमुंद इकाई की मेजबानी की सराहना की। मुंगेली जिले से जिलाध्यक्ष अत्रि प्रताप सिंह के नेतृत्व में भी शिक्षकों ने सम्मेलन में भाग लिया।
सम्मेलन कल 20 सितंबर को सम्मान समारोह के साथ संपन्न होगा।
भवदीय -
छग शिक्षकबसंघ
---
_महासमुंद में ऐतिहासिक सैलाब - महिला शिक्षक सम्मेलन का भव्य उद्घाटन_
_प्रदेश भर से हजारों महिला शिक्षिकाएं पहुंची