महासमुंद की धरती पर आप का स्वागत अभिनंदन....🙏🏻


महासमुंद की धरती पर आप का स्वागत अभिनंदन....🙏🏻

- लेख : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ
छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर महासमुंद केवल एक जिले का नाम नहीं है, यह ममता, संस्कृति और स्वागत की वी धरती है। और आज यही धरती बिछाए बैठी है पलकें... अपनी उन हजारों महिला शिक्षिकाओं के लिए, जिन्होंने अपने हाथों में चॉक-डस्टर नहीं, बल्कि प्रदेश का भविष्य थाम रखा है।

19 और 20 सितंबर 2026 को जब I.R. Resort, भलेसर मार्ग, महासमुंद में प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शंखनाद होगा, तो यह केवल एक सम्मेलन नहीं होगा, यह महासमुंद की धरती का अपनी बेटियों के प्रति आभार प्रदर्शन होगा।

क्यों इंतजार में है यह धरती?

यह धरती इंतजार में है उस शिक्षिका के लिए जो बीजापुर के घने जंगलों के बीच भी, टिमटिमाते दिए की तरह शिक्षा की लौ जलाए हुए है।

यह धरती इंतजार में है उस शिक्षिका के लिए जो सरगुजा की ठंड में, सुबह 6 बजे अपने घर-परिवार को संभालकर स्कूल पहुंचती है और 50 बच्चों को माँ की तरह अक्षर ज्ञान देती है।

यह धरती इंतजार में है उस शिक्षिका के लिए जो रायपुर-बिलासपुर के शहरों में आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों का अद्भुत संगम बच्चों के मन में रोप रही है।

क्योंकि छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जानता है - यदि पुरुष शिक्षक विद्यालय की नींव है, तो महिला शिक्षिका उस विद्यालय की आत्मा है।

महासमुंद ही क्यों?

महासमुंद ने हमेशा स्वागत किया है। यह धरती बमलेश्वरी माता की कृपा वाली धरती है, जहाँ शक्ति की पूजा होती है। महिला शिक्षिका से बड़ी शक्ति और कौन हो सकती है? जो एक साथ एक माँ, एक बहन, एक गुरु और एक राष्ट्र निर्माता है।

इस सम्मेलन में शिक्षा मंत्री माननीय गजेन्द्र यादव जी और महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीया लक्ष्मी राजवाड़े जी का सानिध्य हमें प्राप्त हो रहा है। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश भर की महिला शिक्षिकाएं सीधे अपनी शिक्षा मंत्री और महिला मंत्री के सामने अपनी चुनौतियां, अपनी उपलब्धियां और अपनी आकांक्षाएं रख सकेंगी।

क्या होगा इस सम्मेलन में?

1. चुनौतियों पर चिंतन: पदस्थापना, मातृत्व अवकाश, कार्यस्थल सुरक्षा, स्थानांतरण में महिला शिक्षिकाओं की प्राथमिकता जैसे विषयों पर खुली चर्चा।

2. सम्मान से प्रेरणा: विषम परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं का सम्मान - जो हजारों अन्य शिक्षिकाओं के लिए दीपस्तंभ बनेगा।

3. नवाचारों का संगम: बस्तर से लेकर मनेन्द्रगढ़ तक के शिक्षण नवाचार एक मंच पर आएंगे।

4. संगठन में नई भूमिका: आने वाले समय में संगठन की कार्यकारिणी में महिला नेतृत्व को और अधिक सशक्त कैसे किया जाए, इस पर मंथन।

मुंगेली से महासमुंद तक एक ही पुकार

जिला अध्यक्ष होने के नाते मैं, अत्रि प्रताप सिंह, मुंगेली जिले के साथ प्रदेश की समस्त महिला शिक्षिकाओं से आह्वान करता हूँ - यह आपके सम्मान का सम्मेलन है। महासमुंद की धरती ने आपको पुकारा है। आपके बिना यह सम्मेलन अधूरा है और आपके साथ यह सम्मेलन इतिहास बन जाएगा।

आइए, हम सब मिलकर महासमुंद की इस पावन धरती पर यह सिद्ध करें कि -

"परिवार से राष्ट्र निर्माण का रास्ता, महिला शिक्षिका के सम्मान से होकर जाता है।"


सौजन्य: छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ

स्थान: I.R. Resort, महासमुंद | दिनांक: 19-20 सितंबर 2026

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