आभार लेख : अत्रि प्रताप सिंह
प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
महासमुंद - 19-20 सितंबर 2026
!! स्वागत वंदन अभिनंदन !! 🚩
छत्तीसगढ़ की पावन धरती महासमुंद में आयोजित प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन में पधारे हमारे मुख्य अतिथियों का
अत्रि प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष - जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की ओर से एवं मुंगेली जिले की समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से हार्दिक स्वागत, वंदन, अभिनंदन।
हमारे मार्गदर्शक अतिथि -
1. माननीय श्री गजेंद्र यादव जी - शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन -
आपकी उपस्थिति ने हम शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार किया है। आपने हमेशा शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहा है, आज हम सभी आपके आभारी हैं।
2. माननीय श्री योगेश्वर राजू सिन्हा जी - विधायक, महासमुंद -
आपके अपने घर महासमुंद में आपने हम सभी का जो आत्मीय स्वागत किया, यह मेजबानी हमेशा याद रहेगी। आप तो शिक्षक परिवार के सदस्य ही हैं।
3. माननीय श्री सम्पत अग्रवाल जी - विधायक, बसना -
सरलता और सहजता के प्रतीक, शिक्षा के प्रति आपका अनुराग जगजाहिर है। आपका स्वागत है।
4. माननीय श्रीमती चातुरी नंद जी - विधायक, सरायपाली -
नारी शक्ति की प्रतीक, महिला शिक्षिकाओं के लिए आप प्रेरणा हैं। आपके आगमन से महिला सम्मेलन और गरिमामय हो गया।
5. माननीय श्री द्वारिकाधीश यादव जी - विधायक, खल्लारी -
युवा जोश और अनुभवी सोच के धनी, आपके आशीर्वाद से हम सभी अभिभूत हैं।
आप सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने व्यस्ततम समय में से समय निकालकर महिला शिक्षिकाओं का मान बढ़ाया, इसके लिए जिला मुंगेली का पूरा शिक्षक परिवार आपका ऋणी है।
हमें विश्वास है कि आपके आशीर्वाद और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की शिक्षा और शिक्षक दोनों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
एक बार पुनः आप सभी का हृदय से स्वागत।
महासमुंद की धरती पर, आज चांद-सितारे आए हैं,
शिक्षा मंत्री और चार विधायक, बनकर दुलारे आए हैं।
अत्रि और मुंगेली परिवार करे वंदन बारंबार,
आभार आपका, जो बढ़ाया महिला शिक्षकों का मान-सम्मान।
मैं अत्रि प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष - मुंगेली, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, आप सभी 1000+ महिला शिक्षिकाओं और 33 जिलों से पधारे समस्त शिक्षक साथियों के चरणों में शीश झुकाकर आभार व्यक्त करता हूँ।
आप आईं, तो सम्मेलन बना -
1. बहनों के लिए - मेरी शक्ति:
आप सरगुजा के जंगलों से, बस्तर के पठारों से, रायगढ़ की धरती से, 300-400 किलोमीटर का सफर कर महासमुंद आईं। सुबह 5 बजे ट्रेन, दोपहर की बस, बच्चों को घर छोड़कर - आपकी यह तपस्या ही इस सम्मेलन की सफलता है। आपने साबित कर दिया - "स्वाभिमानी शिक्षिका ही स्वाभिमानी राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।"
2. भाइयों के लिए - मेरे संबल:
जिन शिक्षक भाइयों ने अपनी बहनों को, अपनी साथी शिक्षिकाओं को महासमुंद तक सुरक्षित पहुँचाया, उनका सहयोग किया, उनकी हिम्मत बढ़ाई - आप सब बधाई के पात्र हैं। संगठन भाई-बहन के इसी विश्वास से चलता है।
3. यह सिर्फ सम्मान नहीं, संकल्प था:
मंच पर जब सावित्री बाई फुले जी की तस्वीर के सामने आप सबने शपथ ली, वह दृश्य मैं कभी नहीं भूलूंगा। आपने केवल शॉल-श्रीफल नहीं लिया, आपने नई जिम्मेदारी ली है।
मैं विशेष रूप से छग शिक्षक संघ के सभी पदाधिकारी और उनकी टीम का भी आभारी हूँ, जिन्होंने ,सबका इतना सुंदर आतिथ्य किया।
यदि मेरे से या मंच से जाने-अनजाने में कोई त्रुटि हुई हो, तो आपका यह छोटा भाई समझकर क्षमा कर दीजिएगा।
आप सबने मुझे जो प्रेम दिया, मैं जीवन भर उसका ऋणी रहूंगा।
आपकी सफलता ही संगठन की सफलता है।
विनीत -
आपका अपना -
अत्रि प्रताप सिंह
जिलाध्यक्ष, जिला मुंगेली
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ