अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 66 प्रकरणों में FIR दर्ज
विशेष अभियान के तहत खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई; एक मामले में दो आरोपियों को एक-एक वर्ष का कठोर कारावास
बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अवैध खनन एवं परिवहन से जुड़े 66 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। इन प्रकरणों में पुलिस थाना कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा एवं हिर्री क्षेत्र में कार्रवाई की गई।
कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) बिलासपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान खनिज विभाग के साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा भी संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई।
अवैध रेत परिवहन करते पकड़ा गया था ट्रैक्टर-ट्रॉली
इसी कार्रवाई के अंतर्गत एक प्रकरण में जलेश्वर कश्यप पिता सुखदेव कश्यप, निवासी खेड़ा उगनिया, थाना सीपत, जिला बिलासपुर तथा अमर कुमार केंवट पिता संतकुमार केंवट, निवासी चौहादेव... थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
प्रकरण के अनुसार, आरोपियों को ग्राम खेड़ा उगनिया जगशाला के समीप ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन क्रमांक CG 10 AE 0553 से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस थाना सीपत की अभिरक्षा में रखा गया था।
न्यायालय ने सुनाई एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा
मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय, विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा प्रकरण में निर्णय पारित किया गया।
न्यायालय ने आरोपी जलेश्वर कश्यप एवं अमर कुमार केंवट को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) सहपठित 3(5) के अंतर्गत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹1,000-₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत ₹25,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
इस प्रकार न्यायालय की कार्रवाई से अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती स्पष्ट हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
अवैध खनन पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण को रोकने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले मामलों में नियमानुसार एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
66 प्रकरणों में एफआईआर और एक मामले में दो आरोपियों को कठोर कारावास की सजा से जिले में अवैध रेत एवं खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।