छग शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों द्वारा शिक्षा मंत्री से भेट कर चर्चा किया गया।


छग शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों द्वारा शिक्षा मंत्री से भेट कर चर्चा किया गया।

शिक्षा मंत्री जी छग शासन से सौजन्य भेट सह चर्चा

संदर्भ : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ
प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन - महासमुंद

माननीय श्री गजेंद्र यादव जी
शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
रायपुर

विषय - सम्मान भेट सह 10 सूत्रीय मांग पत्र पर ध्यानाकर्षण एवं निराकरण हेतु आग्रह।

मान्यवर,

सर्वप्रथम महासमुंद की पावन धरती पर आयोजित प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन (19-20 सितंबर 2026) में पधारने पर आपका हार्दिक स्वागत वंदन अभिनंदन है।

इस अवसर पर आपको इस सम्मेलन की मधुर स्मृति के रूप में स्मृति चिन्ह सादर भेंट करते हुए हम छत्तीसगढ़ के 2 लाख शिक्षकों की ओर से अपनी 10 न्यायोचित मांगों की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं।

आपसे विनम्र आग्रह है कि इन मांगों के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें -

10 बिंदु आग्रह पत्र:-

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ
पत्र क्रमांक - 617 / दिनांक 20/09/2026

प्रतिष्ठा में,
माननीय गजेंद्र यादव जी
मंत्री, स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि विधायी, छत्तीसगढ़ शासन

मान्यवर,

राष्ट्रहित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित के चार पुरुषार्थों को लेकर छ.ग. शिक्षक संघ के द्वारा दो दिवसीय प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन 19 एवं 20 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ। उक्त सम्मेलन में मातृशक्तियों द्वारा निम्नांकित बिन्दुओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए समाधान / घोषणा की अपेक्षा की गई है -

(1) तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान - सहायक शिक्षकों का तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान लंबे समय से मंत्रिमंडलीय स्वीकृति की प्रत्याशा में लंबित है, जबकि उनकी संख्या बहुत कम है। राज्य में शिक्षकों के मध्य आक्रोश का कारण बना हुआ है। इसकी व्यय गणना भी की जा चुकी है।

(2) राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित की विभिन्न गतिविधियों के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यालय हेतु रियायती दर पर नया रायपुर में भूखंड प्रदाय कराया जाये।

(3) भर्ती पदोन्नति नियम 2026 का क्रियान्वयन शीघ्रता से समयबद्ध प्रक्रिया में किया जाये।

(4) शिक्षा विभाग में प्रभाववाद की समाप्ति कर समस्त वर्गीय शिक्षक से लेकर अपर संचालक तक पदों पर पदोन्नतियाँ प्रतिवर्ष सुनिश्चित की जाए।

(5) पेंशन प्रकरण के निराकरण हेतु ए.एल./सर्वंग की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से किया जाए।

(6) RMSA के अंतर्गत संचालित हाईस्कूल में संस्कृत विषय के व्याख्याताओं के पद को समाप्त कर दिया गया है। जिसे पुनः सृजित किया जाये तथा भृत्य, लिपिक एवं स्वीपर के पद को भी पुनर्जीवित किया जावें।

(7) सहायक शिक्षक से शिक्षक ग्रंथपाल पद पर पदोन्नत / संविलियन किया गया है परन्तु आज पर्यंत राजपत्र में प्रकाशन नहीं हुआ है। एवं कोई नियम नहीं बना है।

(8) पदोन्नति का मूलभूत नियम वरिष्ठता एवं सह योग्यता है वर्तमान पदोन्नतियों में TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

(9) प्रदेश में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यमों को समान रूप से संचालित किये जायें एवं विद्यालयों में स्थानीय व्यय भुगतानों में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिहस्ताक्षर की व्यवस्था समाप्त की जावे।

(10) पूरे प्रदेश में 1553 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं जिन्हें किसी प्रकार के अवकाश की सुविधा प्रदान नहीं की जाती है। संविदा शिक्षकों के समकक्ष इन्हें भी सुविधाएँ प्रदान की जावें।

मान्यवर, यह 10 बिंदु शिक्षक हित से जुड़े प्रश्न हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप शिक्षक हितैषी मंत्री के रूप में इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर त्वरित निराकरण करेंगे।

हमें आपके नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा है।

आपका अपना शिक्षक परिवार


भवदीय

(ओंकार सिंह)
प्रमुख संगठन मंत्री

(उमेश भारती गोस्वामी)
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष

(मनोज राय)
महामंत्री

(संजय ठाकुर)
प्रांताध्यक्ष
समस्त जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण
प्रांतीय मीडिया टीम
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ

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