न्यायधानी में एक नहीं, दो ठगी के आरोप! GGU में दुकान दिलाने के नाम पर ₹2.06 लाख ऐंठने का आरोप, पत्रकार से इलाज के नाम पर ₹5 हजार लिए ,,,,,


न्यायधानी में एक नहीं, दो ठगी के आरोप! GGU में दुकान दिलाने के नाम पर ₹2.06 लाख ऐंठने का आरोप, पत्रकार से इलाज के नाम पर ₹5 हजार लिए
महिला ने गवाहों के सामने नकद रकम देकर जुटाए सबूत, दो पीड़ितों की सिविल लाइन थाने में शिकायत; आरोपों के बीच संबंधित व्यक्ति के फरार होने की चर्चा
बिलासपुर। न्यायधानी में ठगी के दो गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक महिला ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में अमूल पार्लर की दुकान दिलाने के नाम पर 2 लाख 6 हजार 500 रुपये लेने का आरोप लगाया है। वहीं, एक पत्रकार ने भी उसी व्यक्ति पर पत्नी के इलाज के नाम पर 5 हजार रुपये लेने और न इलाज कराने, न रकम लौटाने का आरोप लगाया है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने मामले में सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई और पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
GGU में दुकान दिलाने का झांसा, 2.06 लाख रुपये लेने का आरोप
मामले के अनुसार, कुड़ुदंड निवासी रिया बन्ना की पहचान सरकंडा निवासी सत्यम ठाकुर से हिंदू संगठन में सक्रियता के दौरान हुई थी। बातचीत के दौरान रिया ने रोजगार के संबंध में चर्चा की। आरोप है कि इसी दौरान सत्यम ठाकुर ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में अमूल पार्लर की दुकान दिलाने और तीन साल का टेंडर दिलवाने का भरोसा दिया।
रिया बन्ना के मुताबिक, इस काम के लिए उनसे अलग-अलग किस्तों में कुल 2 लाख 6 हजार 500 रुपये लिए गए। इनमें से 76 हजार 500 रुपये ऑनलाइन भुगतान किए गए, जबकि शेष 1 लाख 30 हजार रुपये अलग-अलग किस्तों में नकद दिए गए। महिला का दावा है कि नकद रकम गवाहों के सामने सौंपी गई थी।
महिला ने इस पूरे मामले को कथित ठगी बताते हुए सिविल लाइन पुलिस से लिखित शिकायत की है। शिकायत में सत्यम ठाकुर की पत्नी भावना ताम्रकार की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, उनकी भूमिका और आरोपों की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
महिला ने दिखाई चतुराई, गवाहों के सामने दी नकद रकम
इस मामले में महिला की ओर से किया गया एक दावा भी चर्चा में है। रिया बन्ना के अनुसार, उन्होंने रकम देते समय गवाहों को मौजूद रखा था। यदि यह बात जांच में प्रमाणित होती है, तो कथित लेन-देन की परिस्थितियों और गवाहों के बयान से मामले की जांच में मदद मिल सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब दुकान दिलाने के नाम पर इतनी बड़ी रकम दिए जाने का दावा किया जा रहा है, तो क्या वास्तव में कोई टेंडर प्रक्रिया हुई थी? क्या संबंधित व्यक्ति के पास दुकान दिलाने का अधिकार था? और यदि वादा पूरा नहीं हुआ, तो रकम लेने के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएंगे।
पत्रकार को भी नहीं छोड़ा! इलाज के नाम पर 5 हजार रुपये लेने का आरोप
इसी व्यक्ति के खिलाफ करबला निवासी पत्रकार पवन गोयल ने भी शिकायत की है। पत्रकार का आरोप है कि सत्यम ठाकुर ने अपनी पत्नी भावना ताम्रकार के जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर पदस्थ होने की बात कहकर उनकी पत्नी के इलाज में मदद कराने का भरोसा दिया था।
आरोप के मुताबिक, इलाज के नाम पर पत्रकार से 5 हजार रुपये लिए गए, लेकिन न तो उनकी पत्नी का इलाज कराया गया और न ही रकम वापस की गई। इसके बाद पत्रकार पवन गोयल ने भी सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
इस तरह एक ही व्यक्ति के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें सामने आने से मामला गंभीर हो गया है। एक शिकायत में विश्वविद्यालय में अमूल पार्लर की दुकान दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप है, तो दूसरी में इलाज के नाम पर रकम लेने का मामला उठाया गया है।
दो शिकायतें, गंभीर आरोप; अब पुलिस की जांच पर नजर
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जब उन्हें कथित तौर पर ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। मामले में संबंधित व्यक्ति के मोबाइल बंद होने और उसके फरार होने की भी चर्चा है। हालांकि, उसके फरार होने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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