बिलासपुर से प्रयागराज कोलकाता और अंबिकापुर के लिए हफ्ते में एकमात्र फ्लाइट है। इसके अलावा बिलासपुर से दिल्ली के लिए सप्ताह में चार दिन सुविधा है। कुल मिलाकर कहा जाए तो हवाई सुविधा के नाम पर बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट और इस जिले और संभाग के नागरिकों के साथ मजाक किया जा रहा है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि पूरे देश में कहीं भी ऐसा नहीं है जहां सप्ताह में केवल एक दिन हवाई सुविधा दी जाती हो परंतु बिलासपुर के साथ यह मजाक अफसरशाही के कारण हो रहा है और जनप्रतिनिधि मौन होकर देख रहे हैं। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर से प्रयागराज के लिए मार्च 2021 से 24 तक सप्ताह में चार दिन हवाई सेवा उपलब्ध थी और इस बीच में 70% से अधिक ऑक्युपेंसी के साथ फ्लाइट चला करती थी। बावजूद इसे घटाकर सप्ताह में दो दिन किया गया और इस वर्ष 2026 में इसे और कम कर सप्ताह में एक दिन कर दिया गया। उड़ान की अनुपलब्धता और अनियमितता के कारण यात्रियों की संख्या पर दुष्प्रभाव पड़ा है और अब लोग प्रयागराज के लिए ट्रेन या अपनी गाड़ियों से जाना पसंद कर रहे हैं।
यही हाल कोलकाता उड़ान का है जो सप्ताह में दो दिन चला करती थी, जिसे पहले बंद किया गया और अब एक दिन चलने की बात कही जा रही है। बिलासपुर से अंबिकापुर भी सप्ताह में एक ही फ्लाइट है जबकि फ्लाई बिग एयर लाइंस जिसने उड़ान योजना में बिलासपुर अंबिकापुर रूट लिया था उसे सप्ताह में कम से कम तीन दिन यह सेवा देनी थी परंतु एयरलाइंस ने सेवा नहीं दी और सरकार ने भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा है कि पूरे देश में प्रायः एयरपोर्ट पर सप्ताह में कम से कम तीन दिन फ्लाइट है। छत्तीसगढ़ सरकार भी अंबिकापुर और जगदलपुर के लिए यही सब्सिडी वाली उड़ान सप्ताह में तीन दिन अंबिकापुर रायपुर जगदलपुर हैदराबाद चला रही है। इस उड़ान में पहले दिन अंबिकापुर से 19 यात्री चले थे परंतु उसके बावजूद 36 और 42 यात्रियों वाले कोलकाता उड़ान पर गाज गिराई गई। समिति ने सवाल किया कि क्या राज्य में नौकरशाही इतनी बेलगाम हो चुकी है कि वह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और सरकार में बैठे लोगों की बात भी नहीं सुन रही। गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर कोलकाता उड़ान को पहले जैसा यानी 2 दिन के लिए रिस्टोर करने को कहा था।
बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं के विस्तार के लिए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना जारी रहा। धरने में रवि बनर्जी, बद्री यादव, अनिल गुलहरे, शिरीष कश्यप, बद्री यादव, ऋषि राज गौतम, गोपी राव, विभूति भूषण गौतम, देवेंद्र सिंह, ठाकुर, मोहन जायसवाल, जसवीर चावला, रणजीत सिंह खनूजा, राशिद बक्श, मजहर खान, प्रतीक तिवारी ,केशव गोरख, मोहसिन अली, अखिल अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।