*योजनाओं की उपलब्धियां केवल आंकड़ों में नहीं, परिणामों में दिखें : श्री मनोज पिंगुआ*
*प्रभारी सचिव ने ली अफसरों की बैठक, दिए कई निर्देश*
*सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जनअपेक्षाओं पर खरा उतरें अधिकारी*
*धान खरीदी की तैयारी की भी की समीक्षा*
बिलासपुर, 4 नवंबर 2026/अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए, यही सुशासन की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली के साथ जिले को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट बनाने की दिशा में काम करें। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना हम सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में संचालित प्रमुख योजनाओं, नवाचारों एवं विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।
समीक्षा बैठक की शुरुआत धान खरीदी की तैयारियों से हुई। श्री पिंगुआ ने बताया कि 15 नवंबर से राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी प्रारंभ की जाएगी। इसके पूर्व धान खरीदी केंद्रों में सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए। धान खरीदी के मापदंडों के बारे में मुनादी व दीवार लेखन के जरिए अच्छी तरह से प्रचार-प्रसार किया जाए। चेकलिस्ट के अनुरूप तैयारियां पूर्ण कर लिया जाए। धान खरीदी के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका ध्यान दें। किसानों के लिए छाया, पानी, बैठने की व्यवस्था समुचित रूप से हो। किसान पंजीयन, समितियों के गठन और खरीदी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने धान खरीदी से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के विरुद्ध पूर्ण हुए आवासों की जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने पिछले दिनों आए तूफान से हुए नुकसान का सर्वे जल्द कर प्रभावित किसानों को पात्रता अनुसार जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि आवास सर्वेक्षण में बिलासपुर जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-26 में राज्य स्तर में आवास पूर्णता की स्थिति में जिला 56284 आवासों को पूर्ण कर दूसरे स्थान पर है। राज्य स्तर में आवास प्लस 2.0 में सर्वाधिक हितग्राहियों का सर्वे कर जिला प्रथम स्थान पर है। जिले में पीएम जनमन आवास योजना के तहत 959 आवास स्वीकृत किये गये थे जिनमें से 803 आवास पूर्ण कर लिए गए है।
श्री पिंगुआ ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) की भी समीक्षा की। उन्होंने इस योजना के तहत अधोसरंचना के कार्याें को स्वीकृत कर पूर्ण करने को कहा। सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि योजना के तहत आंगनबाड़ी निर्माण, नवीन पंचायत भवन, तालाब गहरीकरण, नया तालाब, परकोलेशन टैंक, बालिका शौचालय आदि के 3 हजार से ज्यादा कार्य अब तक स्वीकृत किये गये है। योजना के तहत 125 दिवस रोजगार की गारंटी दी जा रही है। प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि स्वीकृत कार्यों से गांवों में ऐसी उपयोगी और स्थायी परिसंपत्तियां विकसित की जाएं, जिनका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिले। उन्होंने डबरी निर्माण सहित आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने कहा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं का बेहतर पोषण शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में कुपोषण दूर करने के लिए संचालित पोठ लईका अभियान की जानकारी दी। प्रभारी सचिव ने पोषण संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और बच्चों के पोषण स्तर में वास्तविक सुधार लाने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में श्री पिंगुआ ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 84 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने शेष पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ से वंचित न रहे।
प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने कहा कि बारिश समाप्त होने के बाद अब सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्याें में तेजी लाए। प्रयास आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी लेते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धि का आकलन केवल प्रवेश संख्या से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सफलता और उनके बेहतर भविष्य से होना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की सफलता बढ़ाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के निर्देश दिए। लगभग 120 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन एजुकेशन हब सिटी का कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर भी जोर दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा में श्री पिंगुआ ने धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने और वैकल्पिक फसलों से होने वाले लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग द्वारा बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में उद्यानिकी फसलों का रकबा लगभग 5 हजार हेक्टेयर बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए किसानों की आय में वृद्धि के लिए ठोस प्रयास करने कहा। खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान अवैध खनन एवं उत्खनन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई। श्री पिंगुआ ने अवैध खनन पर सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बिलासपुर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे दीर्घकालिक प्रयासों की भी समीक्षा की गई।
अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अपनी योजनाओं की प्रगति के साथ उनके वास्तविक प्रभाव का भी आकलन करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं के निर्धारित आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने, जनसमस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन का असर आम जनता को महसूस होना चाहिए और इसी सोच के साथ जिले को उत्कृष्ट बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, एडीएम श्री विरेंद्र बहादुर पंचभाई, वनमंडलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।