छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एवं एरियर्स के भुगतान को लेकर मामला अब न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ से चंद्रशेखर पाण्डेय एवं स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ मिर्जा क़ासिम के द्वारा दायर याचिका पर Chhattisgarh High Court में सुनवाई की गई।
_याचिका की मुख्य बातें_
फेडरेशन की ओर से प्रस्तुत याचिका में वर्ष 2017 से लंबित महंगाई भत्ता एवं उसके बकाया भुगतान की मांग की गई है। याचिका में यह उल्लेख किया गया है कि केंद्र सरकार के अनुरूप डीए वृद्धि का लाभ राज्य कर्मचारियों को समय पर नहीं मिल सका, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी है।
_न्यायालय के निर्देश_
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय द्वारा मांगे गए जवाब के पश्चात आगामी सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय की जाएगी।
_फेडरेशन का बयान_
प्रदीप पाण्डेय एवं रोहित तिवारी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप से कर्मचारियों को लंबित डीए एवं एरियर्स के संबंध में जरूर न्याय मिलेगा, कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु वैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से प्रयास जारी रहेंगे।