मुंगेली पुलिस ने त्रिनयन एप के माध्यम से सीसीटीवी के आधार पर हत्या के आरोपियों का किया गिरफ्तार
- पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेन्ज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के मार्गदर्शन मे सेवानिवृत्त लेखापाल की अंधेकत्ल की गुत्वी मुंगेली पुलिस ने सुलझायी
- धाना लालपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मनोहरपुर से सेवानिवृत्त लेखापाल की अपहरण कराकर हत्या करने वाले 11 आरोपियों सहित 04 नाबालिग को किया गया गिरफ्तार
- मृतक के सगे भाई व परिजन ही निकले हत्या के मास्टरमांइड, संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से बाप बेटे में दुश्मनी कराकर सुपारी देकर अपहरण कर किया गया हत्या
- आरोपियों ने सेवानिवृत्त लेखापाल को बेटे से खतरा बताकर करोड़ो की संपत्ति किये अपने नाम
मृतक के बेटे को संपत्ति ना देने फर्जी वचनपत्र/नोटरी तैयार कर किया गया था षड़यंत्र
-सुपारी की रकम 96000 रूपये नगद, पटना में प्रयुक्त 01 हुण्डई ईओन, 01 स्पेशियों गोल्ड कार, 01 मोटरसायकल, 01 स्कुटी को किया गया जप्त
- थाना लालपुर में आरोपियो के विरूद्ध अपराच क्रमांक 40/26 थारा 61(2) 103(1) 140 (2) r 238 बीएनएस पंजीबद्ध
दिनांक 22.03.2026 को थाना लालपुर में प्रार्थी बलबीर सिंह द्वारा परिजनों के साथ उपस्थित आकर अपने भाई दामोदर सिंह के घर नहीं आने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 21.03.2026 को भाई दामोदर राजपूत (रिटायर्ड लेखापाल शिक्षा विभाग) उम्र 62 वर्ष की मोटरसायकल ग्राम मनोहरपुर राईस मिल रास्ते के पास पड़ी है जिस पर गुम इंसान क्रमांक 11/26 कायम कर पतासाजी में लिया गया।
मामले की पुलिस महानिरीक्षक रेन्ज चिलासपुर श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने गंभीरता से लेते हुये गुम हुये सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की पतासाजी करने एवं विधिवत कार्यवाही करने के निर्देश दिये एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.मे.) के मार्गदर्शन पर अति. पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविन्दर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी एलिस स्टॉफ की टीम बनाकर अलग अलग कार्यक्षेत्र बताकर रवाना किया गया।
पतासाजी के दौरान दिनांक 21.03.2026 को दामोदर सिंह के घर से निकलने से लेकर मोटरसायकल मिलने के स्थान, मृतक के लास्ट लोकेशन एवं मुंगेली जिले के सभी एन्ट्री एक्जिट पाइन्ट, सरहदी क्षेत्र के कैमरों को चेक करने पर एक सस्पेक्ट ईओन कार स्लेटी कलर की दामोदर सिंह के पीछे पीछे चलती हुई दिखाई दी, ईओन कार की पत्तासाजी करते करते "त्रिनयन एप" के माध्यम से रूट चार्ट तैयार कर कैमरों का अवलोकन करते हुये, कैमरे पर वहीं ईओन कार दिखाई दी एवं शहर में लगे हाईटेक कैमरे में रेकी करते समय का ईओन कार नंबर सीजी 10 एसी 8986 ज्ञात हुआ। सस्पेक्ट कार हुण्डई ईओन कार क्रमांक सीजी 10 एसी 8986 का वाहन मालिक ग्राम झझपुरी के देवचरण साहू के नाम पर रजिस्ट्रर्ड होना पाया गया, देवचरण साहू से पुछताछ करने पर ग्राम झाफल के संजय यादव द्वारा कार को 01 दिन किराये पर लिया गया है।
प्रकरण में संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पुछताछ करने पर उसने बताया कि दामोदर सिंह के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत एवं उसके साले पालेश्वर सिंह राजपूत एवं चचेरे भाई रामपाल राजपूत द्वारा दामोदर सिह को मारने के लिये 10 लाख एवं 50 डिस्मील जमीन की सुपारी दी है, सुपारी मिलने के बाद काफी दिनों तक रेकी करने के बाद जब उसे रणजीत सिंह ने बताया कि दिनांक 21. 03.2026 को दुर्गा पूजा के लिये दामोदर को झाफल आने का निमंत्रण दिये है, तब पूर्व योजना के अनुसार अपने 03 साथी प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व स्वीपर मोहल्ला मुंगेली एवं नाबालिग को लेकर दिन में पीछा करते हुये मुंगेली से झफल जाते हुये मनोहरपुर सुनसान रास्ते पर उसकी गाड़ी रोककर संजय यादव व प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व स्वीपर मोहल्ला मुंगेली एवं नाबालिग ने शनीदर तित्र के गले में गमछा डालकर मार डाला एवं उसे ईओन कार क्रमाक सीजी 10 एसी 8986 में भरकर उसकी लाश को ठिकाने लगाने नवरंगपुर डिन्डीरी होते हुये ग्रामीण रास्ते में इंओन कार खराब होने पर ईओन कार के मालिक देवराज साहू से टाटा स्पेशियों गोल्ड कार को मंगवाकर देवराज साहू के साथ मिलकर मृतक की लाश को स्पेशियों गाड़ी में शिफ्ट कर आरोपी संजय यादव व प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व एवं नाबालिग ने कवर्धा जिले के पण्डरिया थाना अन्तर्गत देवसरा गांव में जंगल अंदर नदी के नीचे गड्डे में डालकर रेत में दफन कर वापस आ गये बताया तब आरोपी संजय यादव के निशादेही पर पण्डरिया थाना पुलिस ने मृतक दामोवर राजपूत का शव बरामद कर प्रकरण मे दिनांक 29.03.2026 को थाना पण्डरिया से मृतक दामोदर राजपूत दिनांक 29.03.2025 को परिजनों के साथ लाश का उत्खनन करवाया गया मृतक के परिजनो (बेटा संजय, पत्नि तुलसी व बेटियों) ने कपड़े व अन्य वस्तुओं को देखकर मृतक की पहचान दामोदर सिंह राजपूत के रूप में कर ली जिसका पीएम पंचनामा कार्यवाही किया गया बाद थाना लालपुर में मर्ग कायम पश्चात् आरोपियों के द्वारा पड़यंत्रपूर्वक सुपारी देकर मृतक के जमीनों एवं अन्य संपत्तियों को हड़पने के नियत से अपहरण कर हत्या करना पाये जाने से अपराध क्रमांक 40/26 धारा 61(2) 103(1) 140(2) 238 बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस टीम द्वारा अलग अलग बिन्दुओं में जांच करते हुये दिनांक 23/03/2026 को मृतक की पत्नि तुलसी बाई द्वारा अपनी दोनो बेटियों के साथ एस.पी. आफिस आकर अपने पति के लापता होने के संबंध में एक लिखित आवेदन दिया गया था जिसमे उसने अपने पति की 04 करोड़ की जमीन एवं 30 तोला सोना को अपने जेठ व देवरो तथा भांजे एवं भतीजो द्वारा पढ़यंत्रपुर्वक हड़पने का आरोप लगाते हुये रामपाल सिंह, रामरती ठाकुर, सागरसिंह बैंस व उसके साथी पालेश्वर व अन्य के उपर जांच की मांग की थी इस पारिवारिक
एंगल को ध्यान में रखते हुऐ सुक्ष्मता से जांच की जा रही थी तब परिवार की पुरानी पारिवारिक पुष्ठिभुमि तलाशने पर ज्ञात हुआ कि मृतक दामोदर के 05 भाई है एवं मृतक के बेटे संजय सिंह से उसकी संजय की शादी के बाद से नहीं पटती थी, मृतका के बेटे सजय राजपूत की पत्नि मनीला राजपूत ने वर्ष 2024 में मृतक दामोदर राजपूत व उसके बड़े भाई बलबीर राजपूत, रणजीत राजपूत य रणजीत के बेटे हेमंत के उपर थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 30/2024 धारा 498 3, 34 भादवि कायम कराया था, दिनांक 07.12.2025 को मृतक दामोदर का गुरुयाईनडवरी थाना लालपुर नहर मार्ग में 01 एक्सीडेन्ट हुआ था जिसमे उसने 26.12.2025 को धाना लालपुर में रिपोर्ट लिखयाई थी जिस पर अपराध क्रमांक 186/25 धारा 281,125 (ए) चीएनएस 184 एमकीएक्ट अज्ञात आरोपी के खिलाफ कायम किया गया था प्रार्थी दामोदर राजपूत के द्वारा संजय यादव निवासी झाफल के उपर संदेह व्यक्त किया था कि संजय यादव के द्वारा मुझे मारने के लिये यह एक्सीडेन्ट किया गया था, दिनांक 29.03.2026 को संजय यादव ने पुछताछ पर यताया कि यह भी रणनीत व रामपाल लोगों की प्लानिंग का हिस्सा था और संजय पादय को कहा गया था कि पुलिस अगर पुछताछ करेंगी तो चत्ताना कि दामोदर सिंह का बेटा संजय सिंह ने दामोदर को मारने के लिये यह एक्सीडेन्ट कराया है।
मृतक दामोदर राजपूत ने अपराध क्रमांक 410/24 धारा 294,506,323 भादवि अपने बेटे संजय राजपूत के विरूद्ध कायम कराया था, जिस कारण चाप बेटे की आपस में एक दुसरे से बातचीत बंद हो गयी थी मृतक दामोदर अपने छोटे भाई रणजीत व अन्य भाईयों के यहां उठना बैठना करता था लेकिन बेटे से उसके संबंध खराब हो गये, मृतक वामीदर के पुरे पैसे चचेरे भाई रामपाल एवं सगे भाई रणजीत रखते थे, भाईयों की नजर मृतक दामोदर की संपत्ति व उसके पैसों पर थी, वाप बेटे की आपसी लड़ाई का फायदा, भाईयों व भांजे भतीजों ने उठाते हुये षड़यंत्र रचा कि दामोदर की सारी जमीने संजय राजपूत को नहीं देनी पड़े इसलियें अपने नाम करवाने लगे।
मृतक दामोदर के भाईयों ने ही दिनांक 24.03.2026 को 01 नोटरी का कागज थाना लालपुर में आकर पेश किया जिसमें दामोदर सिंह की और से 17.03.2026 को वचनपत्र नोटरी सतेन्द्र कुमार पौराणिक के समक्ष तैयार होना बताया गया जिसमे गवाहों के दस्तखत नहीं है, इस वचनपत्र में लिखी बातों से यह स्पष्ट है कि मृतक अपनी पूरी संपत्ति को बेटे के अलावा भाई, भतीजे व भांजों को बेचना बता रहा है व बेचने के पश्चात् रकम प्राप्त करना बता रहा है, साथ ही बेटे संजय से अपना कोई भी संबंध जीवित या मृत होने पर नहीं रखाना बता रहा है उक्त नोटरी को देखते ही प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि मृतक के भाई, भतीजी व भांजों ने संपत्ति के लालच मे मृतक की हत्या करयायी है जिसकी पुष्टि सुपारी किलर संजय यादव निवासी झाफल के बयान व मृतक की लाश मिलने से हो गयी।
मृतक दामोदर का फोन अंतिम बार प्रयागराज मे बालु होने व बंद होना पाया गया जिसकी पुष्टि के लिये प्रयागराज टीम भेजी गयी हमी ठीच संजय यादव ने रणजीत सिंह ने बताया था कि मतक का फोन हत्या के बाद प्रयागराज ले जाकर गंगा में बहा देना है ताकि सयको ये लगे की दामोदर राजपूत प्रयागराज में कहीं याकर साधु सन्यासा बन गया है, संजय यादव ने प्रिंस, योगेश व 03 नाचालिगों को अर्टिका कार से प्रयागराज भेजकर घटना में प्रयुक्त फोन व मृतक दामोदर को फोन को गंगा नदी में फेंक दिया गया।
प्रकरण में संलिप्त आरोपी 1. रणजीत सिंह राजपूत 2. पालेश्वर राजपूत 3. रामपाल सिंह राजपूत 4. पराग सिंह राजपूत 5. हेमंत राजपूत 6. अजय राजपूत 7. संजय यादव 8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई 9. योगेश गंबर्य उर्फ योगेश्वर 10. देवराज साहू उर्फ ददु उर्फ 11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु व 04 नाबालिग को अलग- अलग स्थानों से हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ करने पर घटना कारित करना स्वीकार किया गया आरोपी सजय यादव से टाटा स्पेशियों गोल्ड, सुपारी रकम 84000 रूपये, नाबालिग से सुपारी नगदी 12000 रूपये, देवराज साहू से इंऑन कार, नाबालिग से मोटरसायकल व प्रिंस से स्कुटी जप्त कर विधिवत 11 आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया जा रहा है एवं 04 विधि से संघर्षरत चालक का सामाजिक पृष्ठभुमि भरकर न्यायालय पेश कर बाल संप्रेषण गृह भेजा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी के नाम :-
1. रणजीत सिंह राजपूत पिता बारेलाल उम्र 55 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक का भाई)
2. पालेश्वर राजपूत पिता स्व. रामधुन उम्र 50 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का साला)
3. रामपाल सिंह राजपूत पिता आजुसिंह उम्र 53 वर्ष निवासी लोरमी, थाना लोरमी (मृतक का चचेरा भाई)
4. पराग सिंह राजपुत पिता चलवीर सिंह उम्र 49 वर्ष निवासी झल्फत, धाना लोरमी (मृतक के भाई चलबीर का पुत्र)
5. हेमंत राजपूत पिता रणजीत उम्र 26 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का पुत्र)
6. अजय राजपुत्त पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सारथा (मृतक का भांजा)
7. संजय यादव पिता लल्लूराम उम्र 37 वर्ष निवासी झाफल थाना लोरमी
8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई पिता श्याम उम्र 18 वर्ष निवासी जवाहर यार्ड मुंगेली
9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर पिता राधेश्याम उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी कालीमाईवार्ड मुंगेली
10. देवराज साहू उर्फ दडूदु उर्फ देवकुमार पिता रामसहाय उम्र 23 वर्ष निवासी झझपुरीकला लोरमी
11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ याबु पिता धन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी यस स्टैण्ड लोरमी
एवं 04 विधि से संघर्षरत बालक
उक्त कार्यवाही में निरी प्रसाद सिन्हा प्रभारी सायबर सेल, चाना प्रभारी लोरमी निरी अखिलेश वैष्णव, थाना प्रभारी लालपुर उपनिरी. सुन्दरलाल गोरले, थाना प्रभारी जरहागांव उपनिरी. सतेन्द्रपुरी गोस्वामी, संउनि दिलीप प्रभाकर, प्र.आर. नोखेलाल कुर्रे, नरेश पादव,, यशवंत डाहिरे, रवि जांगड़े, राजकुमार जांगड़े आर. भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह गिरीराज सिंह, राहुल यादव, रवि मिन्ज, परमेश्वर जांगड़े, राकेश बंजारे, जितेन्द्र ठाकुर, रमाकांत डाहिरे, रामकिशोर कश्यप, तोरन सोनवानी, विजय यंजारे, रवि डाहिरे, देवेन्द्र नागरची, राहुलकांत कश्यप, जितेन्द्र सिंह, उमेश सोनवानी की अहम भुमिका रही