बकाया फीस की वसूली के लिए टीसी को बंधक बनाकर रखने वाले महर्षि विद्या मंदिर के खिलाफ बिल्हा बीओ ने लिए सख़्त ऐक्शन ,,,,


Bilaspur; बकाया फीस की वसूली के लिए टीसी को बंधक बनाकर रखने वाले महर्षि विद्या मंदिर के खिलाफ बिल्हा बीओ ने लिए सख़्त ऐक्शन 

बिलासपुर। शिक्षा नीति के विरुद्ध कार्य करने के आरोपों से घिरे महर्षि विद्या मंदिर प्रबंधन को आखिरकार शिक्षा नीति की पटरी पर आना ही पड़ा। दरअसल राजेंद्र नगर स्थित महर्षि विद्या मंदिर प्रबंधन दो विद्यार्थियों के बकाया फीस की वसूली के लिए टीसी को बंधक बनाकर रख लिए थे। अभिभावक के लिखित निवेदन को अस्वीकार करते हुए उनके दोनों बच्चों के टीसी को नही दे रहे थे। अभिभावक ने जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन से की। जिस मामले में सीएम हेल्पलाइन ने बिल्हा बीओ भूपेंद्र कौशिक को तत्काल जांच के आदेश दिए। मामले में बिल्हा बीओ के द्वारा विद्यार्थियों के वर्तमान सत्र की शिक्षा को सुचारू रखने के लिए तत्परता से कार्यवाही करते हुए तत्काल जांच दल का गठन किया गया। जांच के दौरान सहायक विकासखंड अधिकारी मुकेश अग्रवाल ने शिकायतकर्ता से समन्वय स्थापित कर अभिभावक की समस्या से रूबरू हुए। 
              तत्पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जांच दल ने अभिभावक और महर्षि स्कूल के प्राचार्य को बुलाकर दोनों पक्ष को सुना। जांच दल का रिपोर्ट मिलने पर बिल्हा बीओ ने तत्काल कड़ी कार्यवाही करते हुए स्कूल प्रबंधन को तत्काल टीसी देने के आदेश जारी कर दिए। जिस आदेश के परिपालन में महर्षि विद्या मंदिर स्कूल प्रबंधन ने दोनों विद्यार्थियों के टीसी को बीओ कार्यकाल के सुपर्द कर दिए।

अन्य बिंदुओं पर पृथक से जांच जारी

महर्षि विद्या मंदिर पर छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तम के अलावा विशेष संस्थान से सीबीएसई सिलेबस की मंहगे किताबें खरीदवाने तथा ड्रेस खरीदवाने का भी आरोप है। जूना बिलासपुर स्थित पुस्तक भवन और लवली ड्रेसेस सीएमडी चौक से स्कूल की सामग्री सप्लाई कराने पर पृथक से जांच जारी है। कई अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन के द्वारा पूर्व में सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल बताकर विद्यार्थियों का प्रवेश देने के आरोप है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में अन्य अभिभावकों से भी बातचीत की है जिनके द्वारा भी बताया गया कि उन्हें भी सीबीएसई बताकर उनके बच्चों को प्रवेश दिए गए बाद में जब उन्हें इस संबंध में हकीकत पता चला तो अपने बच्चों को मंगला स्थित सीबीएसई मान्यता प्राप्त महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में भर्ती कर दिए।

संस्था के नियम का हवाला देकर टीसी देने में आनाकानी 

महर्षि विद्या मंदिर मध्य प्रदेश से संचालित है। जिस संस्था के चेयरमैन गिरीश चंद्र वर्मा है। जो कि एक ब्रह्मचारी है। निजी स्कूल के संचालनकर्ता ब्रह्मचारी डॉक्टर गिरीश चंद्र वर्मा ने अपने संस्था के इतने कड़े नियम बना रखे है कि वो नियम कानून विपरीत है। कोई भी निजी स्कूल फीस को लेकर किसी भी विद्यार्थी की टीसी को नही रोक सकता फिर भी संस्था के नियम का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता के दोनों बेटियों के टीसी को बंधक बना लिया गया। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी स्कूल प्रबंधन संस्था के नियम का हवाला देकर टीसी देने में आनाकानी करती रही लेकिन बिल्हा बीओ भूपेंद्र कौशिक के विधि अनुसार कार्यवाही के समाने स्कूल की मनमानी नही चली अंततः अभिभावक को उनके दोनों बेटियों की टीसी मिला।

जांच के दल के एक पक्षीय रिपोर्ट से अभिभावक नाराज

जांच दल के द्वारा पेश रिपोर्ट को अभिभावक के द्वारा एक पक्षीय करार देते हुए सख्त कार्यवाही की मांग की गई । अभिभावक ने बताया कि बिल्हा बीओ को सौंपी गई रिपोर्ट में मेरे द्वारा बताए गए किसी भी तथ्य को नहीं रखा गया। उन्होंने कहा महर्षि स्कूल प्रबंधन के व्हाट्सअप चैट को कोई भी देखकर समझ जाएगा कि फीस के लिए प्रबंधन किस तरह दबाव बनाता है। स्कूल में उपस्थित रहने के बाद भी बच्चों की कक्षा में अनुपस्थिति लगा दी जाती है। वेदांता का हवाला देकर मेरे बच्चों के स्कूल में उपस्थिति के बाद भी अनुपस्थिति दर्ज की गई। कक्षा में पढ़ाने वाली शिक्षिका ने मेरी बेटी को कक्षा में कहा फीस नहीं पटा है तुम्हारा अटेंडेंस नहीं लगेगा यह अन्य विद्यार्थियों के समाने बोली । जिससे मेरी बेटी दुखी हो गई। क्या बच्चों के शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों की नही होती जो मेरी बेटी को स्कूल प्रबंधन के द्वारा नोटिस देकर वार्षिक परिक्षा से वंचित कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन के द्वारा बच्चों के भविष्य को देखते हुए वार्षिक परीक्षा में उपस्थित रहने के लिए मुझे फोन नहीं किया गया बल्कि फीस पर जोर दिया गया नहीं तो कौन अभिभावक है जो अपने बच्चों के एक बर्ष को खराब करेगा। विभाग कहता है शिक्षा व्यवसाय में नहीं आता फिर शिक्षा नीति के अनुसार क्या फीस नही पटा पाने केवल मात्र के कारण वार्षिक परीक्षा से वंचित किया जा सकता है?

अभिभावक ने किए आभार व्यक्त 

अभिभावक ने टीसी मिलने पर छत्तीसगढ़ के सीएम के प्रति आभार जताते हुए बिल्हा बीओ भूपेंद्र कौशिक और सहायक बीओ मुकेश अग्रवाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किए। इस कार्यवाही को लेकर उन्होंने कहा; यह कार्यवाही शिक्षा को केवल व्यवसाय समझकर स्कूल संचालन करने वालों के लिए कड़ी चेतावनी है। बच्चों का भविष्य ही देश का भविष्य है।

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