*बालाजी गैस एजेंसी में बड़ी कार्रवाई, 412 भरे सिलेंडर कम मिले*
*कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम की छापामार कार्रवाई*
*मौके पर मिले 939 सिलेंडर जब्त, उपभोक्ताओं के भी दर्ज किए बयान*
बिलासपुर, 24 अगस्त 2026/ बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा स्थित कार्यालय एवं महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में आज जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने छापामार शैली में कार्रवाई करते हुए कुल 939 गैस सिलेंडर जब्त किए। इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं। जांच के दौरान ऑनलाइन दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 864 भरे सिलेंडर होने थे, जबकि मौके पर केवल 452 भरे सिलेंडर मिले। इस तरह 412 भरे गैस सिलेंडर कम पाए गए।
बालाजी गैस एजेंसी के विरुद्ध उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त जांच टीम गठित कर एजेंसी के स्टॉक और शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने आज दोनों परिसरों में औचक जांच की और मौके पर ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया।
जांच के दौरान घरेलू एवं व्यावसायिक श्रेणी के गैस सिलेंडरों के ऑनलाइन स्टॉक का मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों से मिलान किया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में कुल 864 भरे सिलेंडर प्रदर्शित थे, जबकि भौतिक सत्यापन में 452 भरे सिलेंडर ही उपलब्ध पाए गए। इस प्रकार 412 भरे सिलेंडर कम मिले। वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर पाए गए, जो रिकॉर्ड से 14 अधिक हैं।
स्टॉक में पाई गई इस गंभीर विसंगति के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध 452 भरे एवं 487 खाली, कुल 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया। जांच दल द्वारा एजेंसी के संबंधित दस्तावेजों एवं स्टॉक का परीक्षण भी किया गया।जांच के दौरान मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं से भी एजेंसी की सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा उनके कथन दर्ज किए गए। एजेंसी के विरुद्ध बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने, ऑनलाइन डिलीवरी प्रदर्शित होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर प्राप्त नहीं होने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कॉल सेंटर एवं सीएम हेल्पलाइन 1076 में भी एजेंसी के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जांच दल में तहसीलदार श्री प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी श्री अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्रीमती विनीता दास, श्रीमती वर्षा सिंह, श्री मंगेश कांत, श्रीमती ललिता शर्मा, श्री आशीष दीवान, श्रीमती वसुधा राजपूत तथा आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर श्री पंकज छेतिजा शामिल रहे। जांच दल द्वारा एजेंसी से संबंधित समस्त अभिलेखों, स्टॉक एवं शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।