श्री जगन्नाथ पुरी यात्रापूज्य श्री के पावन सान्निध्य में भक्ति, सेवा और जनजागरण का दिव्य संगम ,,,, पढ़े पूरी खबर।


श्री जगन्नाथ पुरी यात्रा
पूज्य श्री के पावन सान्निध्य में भक्ति, सेवा और जनजागरण का दिव्य संगम
परम श्रद्धेय पूज्य स्वामी श्री श्री 108 श्री शिवानंद महाराज जी के परम पावन सान्निध्य, दिव्य मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में श्री सिद्ध बाबा आश्रम, बेलगहना के युवा संगठन द्वारा ओडिशा के पावन धाम श्री जगन्नाथ पुरी की धार्मिक यात्रा का भव्य एवं अविस्मरणीय आयोजन संपन्न हुआ। पूज्य श्री के सान्निध्य में संपन्न यह यात्रा केवल भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के पावन दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भक्ति के साथ सेवा, संस्कार, स्वच्छता, नशामुक्ति एवं जनजागरण का प्रेरणादायी संदेश लेकर जनमानस तक पहुंची।
पूज्य स्वामी जी के दिव्य मार्गदर्शन में युवाओं ने यह भाव आत्मसात किया कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि मानव सेवा, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित में समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा भी है। पूज्य श्री की प्रेरणा से युवाओं ने श्री जगन्नाथ पुरी की पावन भूमि पर सेवा एवं जनकल्याण के विभिन्न कार्यों को श्रद्धापूर्वक संपन्न किया।
पूज्य श्री की प्रेरणा से स्वच्छता श्रमदान
पूज्य स्वामी श्री शिवानंद महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से युवा संगठन के सदस्यों ने ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ के संकल्प को साकार करते हुए श्री जगन्नाथ पुरी धाम के आसपास के क्षेत्रों तथा प्रसिद्ध समुद्र तट पर स्वच्छता श्रमदान किया। पूज्य श्री ने युवाओं को स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत न मानकर तीर्थ एवं समाज के प्रति सेवा-भाव के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।
युवाओं ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय दुकानदारों को प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा डस्टबिन का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए जागरूक किया। पूज्य श्री के मार्गदर्शन में चलाया गया यह स्वच्छता अभियान तीर्थ की पवित्रता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सार्थक संदेश बना।
पूज्य श्री के सान्निध्य में नशामुक्ति का पवित्र संकल्प
पूज्य स्वामी जी ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर संयमित, संस्कारित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का ओजस्वी संदेश दिया। पूज्य श्री के प्रेरणादायी वचनों से प्रभावित होकर युवाओं ने भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु को साक्षी मानकर जीवनपर्यंत व्यसनमुक्त रहने का पवित्र संकल्प लिया।
पूज्य श्री की प्रेरणा से युवाओं ने स्वयं नशामुक्त जीवन का संकल्प लेने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुजनों को भी नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया। इस प्रकार पूज्य श्री का मार्गदर्शन युवाओं के व्यक्तिगत जीवन से आगे बढ़कर सामाजिक जागरण का माध्यम बना।
पूज्य श्री के सान्निध्य में भक्ति, संस्कार और राष्ट्रचेतना
यात्रा के दौरान पुरी के पावन समुद्र तट पर पूज्य स्वामी जी के दिव्य सान्निध्य में सामूहिक भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक गोष्ठी का आयोजन हुआ। समुद्र की लहरों की गूंज के मध्य पूज्य श्री ने युवाओं को सनातन संस्कृति के संरक्षण, सदाचार, निस्वार्थ सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का मार्गदर्शन प्रदान किया।
पूज्य श्री के चरणों के सान्निध्य में युवाओं ने भक्ति के साथ जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। उनके लिए यह यात्रा केवल एक धार्मिक प्रवास न रहकर गुरु-सान्निध्य में संस्कार, सेवा और सामाजिक चेतना की जीवंत पाठशाला बन गई।
मस्तूरी में पूज्य श्री का आत्मीय अभिनंदन
श्री जगन्नाथ पुरी की पावन यात्रा संपन्न कर श्री सिद्ध बाबा आश्रम, बेलगहना की ओर पुनः आगमन के मार्ग में मस्तूरी पहुंचने पर राठौर परिवार द्वारा परम श्रद्धेय पूज्य स्वामी श्री श्री 108 श्री शिवानंद महाराज जी का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। राठौर परिवार एवं उपस्थित भक्तजनों ने पूज्य श्री का श्रद्धापूर्वक अभिनंदन कर उनका दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूज्य श्री के लोककल्याणकारी मार्गदर्शन की सराहना
श्री जगन्नाथ पुरी धाम में पूज्य स्वामी जी के मार्गदर्शन में युवा संगठन द्वारा किए गए स्वच्छता श्रमदान एवं नशामुक्ति संकल्प की स्थानीय भक्तों, श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने भूरि-भूरि सराहना की। पूज्य श्री द्वारा युवाओं को भक्ति के साथ सेवा, संस्कार, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के इस प्रयास को लोककल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा गया।
इस पावन यात्रा में पूज्य श्री के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त करते हुए अनूपपुर (मध्य प्रदेश), कोरबा, बिलासपुर, कवर्धा, पंडरिया, लोरमी, मुंगेली, कोटा सहित विभिन्न अंचलों से युवा श्रद्धालु भक्तजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूज्य श्री की प्रेरणा, पावन सान्निध्य और दिव्य मार्गदर्शन में संपन्न यह यात्रा युवाओं के लिए भक्ति को सेवा से, संस्कार को आचरण से और आध्यात्मिक चेतना को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने वाली एक अविस्मरणीय यात्रा बन गई।

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