*अनिल गडेवाल ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक बिल्हा ने शासकीय भवन के दीवारों को बनाया निजी एल्बम*
शासकीय कार्यालय एक सार्वजनिक और आधिकारिक स्थान होता है, शासकीय कार्यालय के दीवारों पर केवल सरकार द्वारा अधिकृत और निर्धारित की गई तस्वीरों को ही लगाई जा सकती है। शासकीय कार्यालय एवं दीवारों का उपयोग किसी भी प्रकार के निजी प्रचार या आत्म प्रदर्शन के लिए करना नियमों का सीधा उल्लंघन है, व्यक्तिगत प्रचार के लिए अपना निजी तस्वीर लगाना माहौल को गैर पेशेवर बनाता है।
शासकीय कार्यक्रमों एवं स्वयं का सम्मान करना अनौचित्यपूर्ण एवं आपत्तिजनक है।
साथ ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 15 का भी सीधा सीधा उल्लंघन है।
किसी असाधारण कार्य के लिए किसी को सम्मानित करना आवश्यक भी है तो नियमों के अंतर्गत शासन की पूर्व अनुमति लिया जाना आवश्यक होता है। छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने निर्देशित जारी पत्र क्रमांक/एफ 10- 25 /2005/ 1/5 दिनांक 15 /9/ 2005 में शासकीय नियमों/ निर्देशों का उल्लंघन कर शासकीय दीवारों का निजी प्रचार के लिए उपयोग किया जाना पाया जाता है तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हा में वर्ष 2018 से बिना कोई सेवा वृद्धि केसीएमएचओ/DPM /BMO बिल्हा के संरक्षण में कार्यरत अनिल गढ़ेवाल जिसके विरुद्ध वित्तीय अनियमितता के कई प्रकरण की जांच लंबित है कई में दोष सिद्ध हो चुके द्वारा *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हा बिलासपुर कार्यालय के आंतरिक दीवारों को निजी एल्बम के रूप में प्रयोग करते हुए सिविल सेवा आचरण नियम 1965 सहित मानव संसाधन नियम 2018 का भी उल्लंघन किया है।*
अनिल गढ़ेवाल bpm के उक्त अवैधानिक कृत्य को डॉक्टर शुभा गरेवाल जो वर्तमान Cmho हैं, द्वारा बिल्हा Bmo पदस्थापना कार्यकाल से ही समर्थन और संरक्षण देते आ रही हैं।
*कार्यालय की जिन दीवारों को अनिल गढ़ेवाल निजी एल्बम की तरह उपयोग कर रहा है उसे दीवार के सामने खड़े होकर बीएमओ द्वारा फोटो खिंचवाया जाना अनिल गढ़ेवाल के द्वारा किए जा रहे अनौचित्यपूर्ण, आपत्तिजनक कृत का समर्थन किया जाना स्पष्ट है।* ऐसा कर खुद bmo द्वारा भी सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया गया ।Cmho बनने के बाद शासकीय कार्यालय के दीवारों से सारे फोटो हटवाने के साथ साथ bpm विरुद्ध कार्यवाही करना था लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं जाना bpm के इस अवैध आपत्तिजनक कृत्य का भी समर्थन किया सिद्ध है । बिलासपुर जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन तथा अवैध कार्यों पर रोक लगाने के बजाय संरक्षण देना हो, अनियमित को छुपाना हो, सूचनाओं को आम जनता से दूर रखना हो, यह सब जिला कार्यालय द्वारा ही किया जा रहा है।जो स्वास्थ्य विभाग में अराजकता को सिद्ध करता है ।