सेवा संकल्प अभियान के तहत नट समुदाय के लिए ‘समता-संजीवनी स्वास्थ्य शिविर’ का आयोजन पदमपुर में 42 लोगो ने लिया स्वास्थ्य सेवा का लाभ
नट समुदाय के स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक उत्थान व सशक्तिकरण की पहल पदमपुर में 42 लोगों ने लिया स्वास्थ्य लाभ
मुंगेली - सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पदमपुर के नट मोहल्ला में निःशुल्क ‘समता-संजीवनी स्वास्थ्य शिविर’ सम्पन्न हुआ। इस पहल का उद्देश्य नट समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, बीमारियों से सजग कर समय पर जाँच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना तथा समुदाय के साथ विश्वास और आत्मीयता का संबंध स्थापित करना रहा। स्वास्थ्य सेवा का वास्तविक अर्थ केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और बेहतर जीवन की दिशा प्रदान करना है। इसी मानवीय सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व के संकल्प के साथ नट समुदाय के लिए आयोजित इस विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 42 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में न केवल नट समुदाय का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया बल्कि उन्हें सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित करते हुए भिक्षावृत्ति से दूर रह कर सम्मान जनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
बीमारियों की पहचान से जागरूकता तक, स्वास्थ्य का समग्र प्रयास
शिविर में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मौसमी बीमारियों, टीबी, कुष्ठ रोग एवं सिकल सेल रोग से संबंधित स्वास्थ्य सेवाएँ और जागरूकता प्रदान की गई। इसके साथ ही नशे के दुष्प्रभावों तथा कैंसर से बचाव के विषय में भी लोगों को जागरूक किया गया। समय पर जाँच, उचित उपचार और नियमित स्वास्थ्य परामर्श के महत्व को समझाया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पतालों तक सीमित न रखते हुए समुदाय के बीच पहुँचाना और प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
भिक्षावृत्ति से दूर, सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ने का संदेश
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ शिविर में नट समुदाय के लोगों को भिक्षावृत्ति से दूर रहने तथा शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और उपलब्ध सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस प्रयास का उद्देश्य केवल भिक्षावृत्ति को रोकने की अपील करना नहीं, बल्कि समुदाय के लोगों को ऐसे अवसरों से जोड़ने की सोच को बढ़ावा देना है, जिनसे वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। इसके लिए संवेदनशील संवाद, सामाजिक सहयोग और आजीविका के व्यावहारिक विकल्पों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया गया।
डॉ. मनीष बंजारा ने कहा, “सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा, जागरूकता, सम्मान और विश्वास पहुँचाना है। नट समुदाय के बीच इस शिविर का आयोजन केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी है।
हमारा संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव या स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच की कठिनाई के कारण उपचार से वंचित न रहे। इसके साथ ही समुदाय के लोगों को भिक्षावृत्ति से दूर रहकर शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है। इसके लिए समाज को भी सहयोग और संवेदनशीलता के साथ आगे आना होगा। हमारा प्रयास केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण बनाना है, जहाँ हर व्यक्ति स्वस्थ रह सके, सम्मान के साथ जीवन जी सके और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के अवसर प्राप्त कर सके। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब इन सभी दिशाओं में मिलकर प्रयास किए जाएँगे, तभी स्थायी सकारात्मक बदलाव संभव होगा।”
‘समता-संजीवनी स्वास्थ्य शिविर’ स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सशक्तिकरण को जोड़ने की एक पहल है। इसका संदेश है कि किसी भी समुदाय को केवल उसकी वर्तमान परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की संभावनाओं से भी देखा जाना चाहिए।
नट समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने, भिक्षावृत्ति से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और सम्मानजनक आजीविका के अवसरों तक उनकी पहुँच बढ़ाने की दिशा में ऐसे प्रयास आगे भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में पंच अशोक नट, आयुष्मान मित्र त्रिवेणी मरकाम एवं अंकिता उपस्थित रहे।