सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र – धुर्वाकारी परिसर में निजी अस्पताल संचालन और प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत


*सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र – धुर्वाकारी परिसर में निजी अस्पताल संचालन और प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत*

बिलासपुर/मस्तूरी। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम धुर्वाकारी के ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र धुर्वाकारी में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर अनियमितताओं एवं अवैध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर बिलासपुर से शिकायत कर मामले में तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा *19 सितंबर 2026* को प्रस्तुत शिकायत में शासकीय स्वास्थ्य सुविधा का कथित रूप से निजी लाभ के लिए उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों ने शिकायत में बताया है कि उप स्वास्थ्य केंद्र धुर्वाकारी में पदस्थ *ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (RHO) श्रीमती अर्चना रांके* द्वारा अपने शासकीय पद का कथित रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

*शासकीय आवास में निजी क्लीनिक/अस्पताल चलाने का आरोप*

शिकायत के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित *शासकीय आवास का व्यावसायिक उपयोग करते हुए कथित रूप से अवैध निजी क्लीनिक/अस्पताल संचालित* किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय परिसर का उपयोग निजी चिकित्सा गतिविधियों के लिए किया जाना नियमों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

*सरकारी दवाइयों के बजाय निजी दवाइयां बेचने का आरोप*

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में आने वाले *गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क मिलने वाली सरकारी दवाइयां उपलब्ध कराने के बजाय निजी माध्यम से दवाइयां दी जा रही हैं* तथा मरीजों से कथित रूप से मनमानी राशि वसूल की जाती है। इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*प्रसव के बाद ₹2 हजार से ₹5 हजार तक वसूली का आरोप*

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप प्रसव कराने के बाद *प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों से कथित रूप से ₹2,000 से ₹5,000 तक की अवैध राशि वसूलने* का लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव संबंधी सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए, इसके बावजूद प्रसव के बाद कथित रूप से राशि की मांग की जाती है। शिकायत में यह भी आरोप है कि *अवैध राशि देने के साथ-साथ प्रसव के लिए दवाइयां भी बाहर से लाने को कहा जाता है।*

*लंबे समय से पदस्थ होने पर भी उठे सवाल*

ग्रामीणों ने शिकायत में उल्लेख किया है कि संबंधित *RHO पिछले लगभग 13-14 वर्षों से ग्राम धुर्वाकारी में पदस्थ हैं।* शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निजी लाभ के कारण पदोन्नति होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी द्वारा अपना पद नहीं छोड़ा गया है। ग्रामीणों ने इस लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना की भी जांच की मांग की है।

*कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग*

ग्रामीणों का कहना है कि इन कथित गतिविधियों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा *सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति ग्रामीणों का विश्वास प्रभावित हो रहा है।* शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर *निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने तथा उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संचालित कथित अवैध गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की मांग की है।*

ग्रामीणों ने शिकायत की प्रति *स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर* को भी प्रेषित की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।

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