*दिव्यांगजन की पीड़ा पर पसीजा केंद्रीय राज्यमंत्री का दिल: दृष्टिबाधित श्याम सुंदर नामदेव की अंधेरी जिंदगी में जली 'प्रधानमंत्री आवास' की लौ*
*केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से हटीं नीतिगत बाधाएं; अब देशभर के लाखों विशेष हितग्राहियों का संवरेगा भविष्य*
बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026।
जब आंखें दुनिया की रोशनी से महरूम हों, तो सिर पर अपनी एक सुरक्षित छत का होना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। कोटा नगरपालिका के दृष्टिबाधित हितग्राही श्री श्याम सुंदर नामदेव वर्षों से इसी आस में जी रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना की तकनीकी जटिलताएं उनके इस सपने के आगे दीवार बनकर खड़ी थीं। जियो-टैगिंग की अनिवार्य प्रक्रिया और बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्तें उनकी बेबसी पर भारी पड़ रही थीं।
निराशा के भंवर में फंसे श्याम सुंदर जब अपनी फरियाद लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू के पास पहुंचे, तो मंत्री जी ने इस मामले को प्रशासनिक फाइलों के चश्मे से नहीं, बल्कि एक इंसान के संवेदनशील दिल से देखा। उन्होंने बिना पल गंवाए इसे सर्वोपरि प्राथमिकता दी और मंत्रालय के अधिकारियों को तत्काल मानवीय धरातल पर समाधान के कड़े निर्देश दिए।
*तकनीकी दीवारों को तोड़कर खिला मानवीयता का फूल*
केंद्रीय राज्यमंत्री के त्वरित और कड़े निर्देशों का ही परिणाम था कि मंत्रालय ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए श्याम सुंदर नामदेव के प्रकरण में जियो-टैगिंग की अड़चन को दूर किया और 'चेहरे की पहचान' (Face Recognition) से विशेष छूट प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की। इस एक कदम ने न केवल श्याम सुंदर के अपने घर के सपने का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि उनकी आंखों की बेबसी को राज्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व ने सम्मान में बदल दिया।
*एक व्यक्ति की राहत बनी पूरे देश के लिए ऐतिहासिक नज़ीर*
श्री तोखन साहू की दूरदर्शिता और जन-सेवा का भाव यहीं नहीं रुका। उन्होंने इस प्रकरण को सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे नीतिगत सुधार का माध्यम बनाया। उनके स्पष्ट निर्देशों के बाद आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय का 'आवास वित्त सहायता प्रभाग' अब सभी राज्यों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है। इसके तहत देशभर में दिव्यांगजनों और विशेष परिस्थितियों वाले पात्र हितग्राहियों के लिए स्थानीय स्तर पर ही सत्यापन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाएगा।
*सबके लिए आवास: केवल एक योजना नहीं, अटूट विश्वास*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'सबके लिए आवास' के संकल्प को धरातल पर साकार करने की दिशा में श्री तोखन साहू का यह प्रयास संवेदनशीलता, सुशासन और जन-कल्याण की पराकाष्ठा है। इसने सिद्ध कर दिया है कि जन-प्रतिनिधि का पद केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के आंसू पोंछने का पावन दायित्व है।
आज जब श्याम सुंदर नामदेव के चेहरे पर राहत और उम्मीद की मुस्कान तैर रही है, तो वह केवल एक पक्के मकान की खुशी नहीं है, बल्कि उस अटूट विश्वास की जीत है जो इस देश के हर असहाय नागरिक को अपने संवेदनशील नेतृत्व पर होता है।