गुरुघासीदास सेवादार संघ GSS सतनाम धर्म मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ –मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में बैठक आयोजित किया


*गुरुघासीदास सेवादार संघ GSS सतनाम धर्म मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ –मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में बैठक आयोजित किया।*

                         *प्रेस विज्ञप्ति*

 दिनांक 04 अक्टूबर 2026 (रविवार) को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ग्राम –*चचेड़ी*, जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़) में गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) के तत्वाधान में आयोजित *सतनाम धर्म जन समर्थन सभा* ने सतनाम समाज के लोगों के आक्रोश को ज्वालामुखी बना दिया। वक्ताओं के मार्मिक और गंभीर संबोधनों के बाद उपस्थित जनसमूह ने रायपुर में *अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन* करने और जल्द से जल्द एक महापंचायत बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय करने का संकल्प लिया।
                 सभा को संबोधित करते हुए *श्री वीरेंद्र भारद्वाज* (प्रवक्ता, GSS) ने गरजते हुए कहा, "हमारे गुरुघासीदास ने इस धरती पर समता का संदेश दिया, लेकिन आज भी हमें अपने ही *धर्म की पहचान* के लिए *भटकना* पड़ रहा है। जनगणना में *हमारा धर्म अलग से नहीं गिना जाता,* संविधान में हमें बौद्धों और सिखों जैसी मान्यता नहीं मिली ; यह हमारे साथ अन्याय है, और अब हम चुप नहीं बैठेंगे!"
                   उनके शब्दों ने उपस्थित सतनामियों के मन में छिपे आक्रोश को जगा दिया। सभा में मौजूद एक बुजुर्ग सतनामी ने कहा, "हमारे पूर्वजों ने शहादत दी, लेकिन आज भी हमें दूसरे धर्मों के नाम पर (गिनकर अपमानित )जीना पड़ता है। अब यह बिल्कुल बर्दास्त नहीं होगा।
                   वक्तव्य के बाद उपस्थित महिला –पुरूषों ने कहा; यह हमारे हक –अधिकार और मानवता के मूल्यों को बचाने की लड़ाई है। हमारे शहादतियों के खून को जाया नहीं होने देंगे। एक साथ मिलकर इस मुकाम को हासिल करेंगे। इस सभा को आज से ही हम आंदोलन की शुरुआत मानकर चल रहे हैं। और लोरमी क्षेत्रों में इस आंदोलन का व्यापक प्रचार करेंगे।
                 अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर रायपुर में डेरा डालें। जब तक हमें जनगणना में स्वतंत्र धर्म कोड नहीं मिलता, जब तक संविधान में संशोधन नहीं होता, हम वहां से नहीं हटेंगे। अनिश्चितकालीन धरना होगा, और इसकी तैयारी चचेरी से शुरू हो चुकी है!"
                     सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में एक *महापंचायत* का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोरमी (मुंगेली क्षेत्र) छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से *सतनाम धर्म और विभिन्न धर्मों मत–मतांतरों* के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पंचायत में रायपुर धरने की तिथि, स्थान, रणनीति और अन्य आंदोलनकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।
                ग्रामीणों ने जोर देकर कहा, "हमारे और आसपास के गांव-गांव से लोग रायपुर के लिए निकलेंगे। यह लड़ाई हमारी पहचान और हमारे *अस्तित्व बचाने* की है। खाने– पीने का व्यवस्था भी साथ रख चलेंगे।
                      सह वक्ता में श्री *मुकेश टंडन*,श्री *रूपदास टंडन*,श्री *भानु चतुर्वेदानी*, श्री *गुलशन बंजारे*, श्री *पृथ्वीपाल चतुर्वेदी* और श्री *श्यामचंद मिरी* (GSS ) ने स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका और आगामी रणनीति पर प्रकाश डाला। और *सतनाम धर्म स्वतंत्रता सेनानी मोर्चा* में जुड़ने का अपील किया।
                 उपस्थित जनसमूह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने लोरमी–मुंगेली क्षेत्र के *विधायक–सांसद को ज्ञापन सौंपने* हस्ताक्षर किया।
                         सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर *इंकलाब जिंदाबाद, सतनाम धर्म कोड लागू करो,सतनाम धर्म हम लेकर रहेंगे, गुरुप्रथा नहीं चलेगा, हमारी एकता जिंदाबाद* के आदि नारों के साथ अपनी एकजुटता और आक्रोश प्रकट किया। कई लोगों ने कहा कि वे अपने गांव-गांव से रायपुर धरना–प्रदर्शन के लिए तैयार हैं और जब तक *मांगें पूरी नहीं होती, पीछे नहीं हटेंगे।*

*दिनाँक –* 05.10.26
*संलग्न–* बैठक संबंधित फोटो –विडियो।


                    जारीकर्ता
              *भानू चतुर्वेदानी*
          GSS –जिला कार्यकारिणी,मुंगेली
          मो.–8349287031

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